मांगलिक कार्यों के लिए विशेष रहेगा दिन, भगवान परशुराम का होगा पूजन
अक्षय का अर्थ है कभी न कम होने वाला। इस दिन किए जाने वाले पुणित कार्यों का कभी क्षय नहीं होता है।
{ The NewsBar } अबूझ मुहूर्त में से एक अक्षय तृतीया इस वर्ष 19 अप्रैल को आस्था और उल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस दिन कार्यों में सिद्धि देने वाला सर्वार्थसिद्धि और गजकेसरी का मंगलकारी संयोग बनेगा। इसके साथ ही रवि, शोभन एवं मालव्य राजयोग इस दिन को ओर भी अधिक खास बनाएगा। यह दिन खरीदारी के साथ ही मांगलिक कार्यों के लिए भी खास रहेगा। इस अवसर पर भगवान परशुराम का पूजन के साथ ही शहर से शोभायात्रा भी निकाली जाएगी।
अक्षय तृतीया यानि आखातीज को वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाई जाती है। अक्षय का अर्थ है कभी न कम होने वाला। इस दिन किए जाने वाले पुणित कार्यों का कभी क्षय नहीं होता है। ज्योतिर्विद पं. कल्याण तिवारी ने बताया कि इस दिन कई संयोग बन रहे है। गजकेसरी योग गुरु व चंद्रमा की युति या केंद्र में होने से बनता है।
यह शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक है। इस दिन चंद्रमा और सूर्य दोनों अपनी उच्च राशि में होंगे जो फलदायी है। इसके साथ ही कई शुभ योग बन रहे है। ज्योतिर्विद् देवेंद्र कुशवाह के अनुसार जब सूर्य और चंद्रमा दोनों अपने उच्च राशि में होते है और दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय होता है। इस कारण इस दिन किए कार्य के परिणाम का क्षय नहीं होता है।
सोना खरीदने का गोल्डन टाइम
19 अप्रैल को सुबह 10:49 बजे से ही सोना खरीदना शुरू कर सकते हैं। यह मौका 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे तक रहेगा, यानी करीब 19 घंटे से ज्यादा का शुभ समय मिलेगा।
क्यों खास है सोना खरीदना?
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस दिन खरीदा गया सोना घर में धन और खुशहाली लाता है।
खरीदारी से पहले रखें ध्यान
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदारी से पहले शुद्धता और कीमत की जांच जरूर करें। सही समय और सही निवेश ही अक्षय तृतीया को सफल बनाता है।
अक्षय तृतीया पर सोने-चांदी की जगह खरीदें ये 4 चीजें, बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा
1. नमक खरीदें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया के मौके पर सोना-चांदी की जगह आप नमक की भी खरीदारी कर सकते हैं. शास्त्रों के अनुसार नमक खरीदने से नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है. साथ ही घर में सकारात्मकता का संचार होता है. इसके साथ ही मां लक्ष्मी अपनी कृपा बनाए रखती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
2. दक्षिणावर्ती शंख
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आप दक्षिणावर्ती शंख की खरीदारी कर सकते हैं. इस दिन आप ये शंख लाएं और विधि विधान से पूजा कर घर की तिजोरी में रख दें. मान्यता है कि ऐसा करने से घर की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं और मां लक्ष्मी अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं।
3. धनिया खरीदना होता है शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अक्षय तृतीया पर धनिया की खरीदारी करना सोना-चांदी खरीदने बराबर होता है. कहा जाता है कि धनिया धन का प्रतीक होता है और मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय होता है. साथ ही इस दिन धनिया खरीदने से मां लक्ष्मी अपना आशीर्वाद बनाए रखती हैं।
4. पीतल-कांसे के बर्तन
सोना-चांदी की जगह अक्षय तृतीया पर आप पीतल-कांसे के बर्तन खरीद सकते हैं. आप चाहें तो पीतल से बनी मूर्तियां, सिक्के की खरीदारी कर सकते हैं. इन चीजों को खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और पॉजिटिविटी बनी रहती है।
अक्षय तृतीया पर करें तुलसी आराधना, धन और सौभाग्य का होगा आगमन
Akshay Tritiya 2026: कहते हैं कुछ दिन ऐसे होते हैं, जब किस्मत खुद दरवाजा खटखटाती है, अक्षय तृतीया उन्हीं खास अवसरों में से एक मानी जाती है। इस दिन किया गया हर शुभ काम कभी खत्म न होने वाले फल का वादा करता है, इसलिए इसे ‘अक्षय’ कहा गया है। आमतौर पर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदने या माता लक्ष्मी की पूजा पर ध्यान देते हैं, लेकिन एक और बेहद खास उपाय है, जो चुपचाप जीवन में सुख-समृद्धि ला सकता है। मान्यता है कि इस दिन तुलसी की विधिपूर्वक पूजा करने से न केवल आर्थिक स्थिति मजबूत होती है, बल्कि घर में शांति और सौभाग्य भी बना रहता है। ऐसे में अगर आप भी इस अक्षय तृतीया को खास बनाना चाहते हैं, तो तुलसी पूजन की सही विधि और इसका महत्व जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
तुलसी पूजन की विधि
अक्षय तृतीया को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन बिना विशेष मुहूर्त देखे भी पूजा और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। सुबह या शाम स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और श्रद्धा के साथ तुलसी पूजन करें।
भगवान विष्णु और तुलसी देवी का संकल्प लें
तुलसी के पास घी का दीपक जलाएं
रोली, चंदन, फूल और फल अर्पित करें
मिठाई का भोग लगाएं
तुलसी की 7 या 11 बार परिक्रमा करें
इस पूजा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
अक्षय तृतीया 2026 तिथि
हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि 19 अप्रैल को सुबह 10:45 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल को सुबह 07:49 बजे समाप्त होगी। इसलिए अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। मान्यताओं के अनुसार इस दिन सही विधि से तुलसी पूजन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली का वास होता है।