वॉशिंगटन। [The NewsBar] ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बेहद आक्रामक और आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट ने पूरी दुनिया सहित खुद अमेरिका में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। ट्रंप ने न केवल ईरान को विनाश की चेतावनी दी है, बल्कि अपनी भाषा में मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए भद्दे अपशब्दों का भी इस्तेमाल किया है। इस घटनाक्रम के बाद अब अमेरिका में ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए ’25वां संशोधन’ (25th Amendment) लागू करने की मांग तेज हो गई है।
“48 घंटे बाद उन पर नर्क टूट पड़ेगा”: ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने की मांग की है। ट्रंप ने लिखा, “याद है जब मैंने ईरान को डील करने या होर्मुज खोलने के लिए 10 दिन का समय दिया था? समय तेजी से बीत रहा है। 48 घंटे बाद उन पर नरक (Hell) टूट पड़ेगा।” ट्रंप यहीं नहीं रुके, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मंगलवार को ईरान में ‘पावर दिवस’, ‘प्लांट दिवस’ और ‘ब्रिज दिवस’ तीनों एक साथ मनाए जाएंगे, जिसका सीधा संकेत ईरान के बुनियादी ढांचे और बिजली संयंत्रों को नष्ट करने की ओर था।
विपक्षी सांसदों का फूटा गुस्सा: “राष्ट्रपति पागल हो चुके हैं”
ट्रंप द्वारा इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा और युद्ध के उन्माद ने अमेरिकी विपक्षी सांसदों (डेमोक्रेट्स) को भड़का दिया है। कम से कम 5 प्रमुख सांसदों ने ट्रंप को मानसिक और नैतिक रूप से पद के लिए ‘अक्षम’ बताते हुए उन्हें हटाने की मांग की है:
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बेक्का बालिंट (US State Representative): “अगर ओबामा या बाइडेन ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया होता, तो रिपब्लिकन उन्हें तुरंत हटाने की मांग करते। मैं ट्रंप को हटाने की मांग करती हूं।”
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सीनेटर क्रिस मर्फी: “अगर मैं कैबिनेट में होता, तो अब तक वकीलों से बात कर चुका होता। ट्रंप लोगों की हत्या करने पर उतारू हैं।”
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यास्मीन अंसारी (कांग्रेस सदस्य): “राष्ट्रपति पागल हो चुके हैं। उनके कारण पूरी दुनिया खतरे में है, उन्हें हटाने का यही सही समय है।”
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मेलेनी स्टांसबेरी: “पानी अब सिर से ऊपर चला गया है, अब कार्रवाई जरूरी है।”
क्या है 25वां संशोधन और क्या ट्रंप की कुर्सी जाएगी?
अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया निर्धारित करता है, यदि वह अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो।
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प्रक्रिया: सबसे पहले उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत को एक लिखित प्रस्ताव लाना होता है कि राष्ट्रपति अक्षम हैं।
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संसद की भूमिका: यदि राष्ट्रपति विरोध करते हैं, तो मामला सीनेट और कांग्रेस (संसद) में जाता है।
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हटाने की शर्त: यदि संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत से प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ता है।
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नया राष्ट्रपति: ऐसी स्थिति में उपराष्ट्रपति (वर्तमान में जेडी वेंस) शेष कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति का पद संभालेंगे।
ईरान के साथ तनाव के बीच घरेलू मोर्चे पर इस ‘अविश्वास प्रस्ताव’ की मांग ने ट्रंप प्रशासन को भारी दबाव में डाल दिया है। यदि कैबिनेट ने इस दिशा में कदम बढ़ाया, तो जेडी वेंस अमेरिका के नए राष्ट्रपति बन सकते हैं।