नई दिल्ली। इंटरनेट की दुनिया में भारत अब साइबर अपराधियों के रडार पर है. सोशल मीडिया दिग्गज मेटा (Meta) की ‘सेमीएनुअल एडवरसैरियल थ्रेट रिपोर्ट’ के अनुसार, भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्कैम गिरोहों का दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा निशाना बन गया है. एआई (Artificial Intelligence) से लैस ये ‘सुपर ठग’ अब इतने शातिर हो गए हैं कि असली और नकली के बीच का अंतर करना नामुमकिन होता जा रहा है।
एआई (AI) बना ठगों का नया हथियार: कैसे हो रही है ‘पर्सनलाइज्ड’ लूट?
मेटा की रिपोर्ट के अनुसार, अब ठग साधारण मैसेज नहीं भेजते, बल्कि एआई का उपयोग कर निम्नलिखित तरीकों से जाल बुनते हैं:
फेक प्रोफाइल की पूरी बैकस्टोरी: एआई के जरिए ऐसे फोटो और वीडियो तैयार किए जाते हैं जो पूरी तरह असली लगते हैं।
पर्सनलाइज्ड मैसेजिंग: स्कैमर्स अब यूजर्स की पसंद-नापसंद के हिसाब से संदेश लिखते हैं, ताकि भरोसा जल्दी जीता जा सके।
पाकिस्तान से भारत पर निशाना: रिपोर्ट में पाकिस्तान स्थित एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जो स्थानीय भाषाओं का इस्तेमाल कर भारतीय यूजर्स को ठग रहा था।
ठगी के 5 सबसे बड़े जाल: जिनसे आपको बचना है
दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत में सक्रिय ये गिरोह मुख्य रूप से इन तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं:
रोमांस और इन्वेस्टमेंट स्कैम: लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर पहले प्यार का नाटक, फिर निवेश के नाम पर लूट।
सेलिब्रिटी/अधिकारी बनकर ठगी: बड़े सरकारी अफसर या फिल्मी सितारों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाकर पैसे मांगना।
एडवांस पेमेंट स्कैम: लॉटरी या गिफ्ट का झांसा देकर ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर वसूली।
कस्टमर सपोर्ट फ्रॉड: बैंक या टेक कंपनी का कर्मचारी बनकर ओटीपी (OTP) या लिंक पर क्लिक करवाना।
गैंबलिंग स्कैम: ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए रातों-रात अमीर बनने का लालच।
मेटा की बड़ी कार्रवाई: आंकड़ों में हकीकत
इस साल स्कैमर्स के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है।
1.09 करोड़: फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट किए गए।
6 लाख: संदिग्ध पेज हटाए गए।
1.12 लाख: विज्ञापन (Ads) अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाया गया।