गुवाहाटी/तंजावुर। असम विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपना ‘संकल्प पत्र’ (घोषणापत्र) जारी कर दिया है. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की मौजूदगी में जारी इस घोषणापत्र में हिंदुत्व, महिला सशक्तिकरण और रोजगार पर विशेष जोर दिया गया है. वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु में चुनाव आयोग की सख्ती के बीच मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के काफिले की जांच ने सियासी पारा बढ़ा दिया है।
असम भाजपा के ‘संकल्प पत्र’ की 5 बड़ी बातें:
भाजपा ने असम के मतदाताओं को लुभाने के लिए 31 प्रमुख वादे किए हैं, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण निम्नलिखित हैं:
कठोर कानून और सुरक्षा: राज्य में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ सख्त एक्शन और घुसपैठियों द्वारा कब्जाई गई जमीनों को वापस लेने का वादा किया गया है।
UCC और नागरिकता: उत्तराखंड की तर्ज पर असम में भी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का संकल्प लिया गया है।
रोजगार का वादा: प्रदेश के युवाओं को अगले 5 वर्षों में 2 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं को आर्थिक मजबूती: ‘अरुनोदोई योजना’ के तहत मासिक सहायता 1250 से बढ़ाकर 3000 की जाएगी. साथ ही ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत 40 लाख महिलाओं को 25,000 की वित्तीय मदद दी जाएगी।
विकास: बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई नई परियोजनाओं का ऐलान किया गया है।
दक्षिण में चुनावी सख्ती: स्टालिन की गाड़ी की चेकिंग
तमिलनाडु के तंजावुर में चुनाव आचार संहिता का कड़ाई से पालन देखने को मिला. जब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का वाहन वहां से गुजर रहा था, तब पुलिस और चुनाव आयोग की टीम ने उनके वाहन की सघन तलाशी ली. इस दौरान स्टालिन खुद वाहन के भीतर मौजूद थे।
दूसरी ओर, अभिनेता से नेता बने विजय (TVK चीफ) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में विजय और उनकी पार्टी के करीब 5,000 कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।