इस्लामाबाद/तेहरान। ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण युद्ध की आग अब पड़ोसी देशों तक पहुँचने लगी है. तेहरान में पाकिस्तानी दूतावास के समीप हुए हालिया हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान ने आपा खो दिया है. इस्लामाबाद ने इजरायल और अमेरिका को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपने राजनयिकों और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगा.
“हम कतर नहीं हैं”: पाकिस्तान का सख्त संदेश
पाकिस्तानी रणनीतिक मंच द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, “इजरायल यह मुगालता पालना छोड़ दे कि पाकिस्तान चुपचाप बैठा रहेगा. हमें कतर समझने की गलती न करें; यदि हमारे किसी भी नागरिक या दूतावास को खरोंच भी आई, तो इसका अंजाम बेहद बुरा होगा.” यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई है जब तेहरान, काशान और अबादान जैसे शहरों पर इजरायली और अमेरिकी विमानों द्वारा बमबारी की खबरें मिलीं. हालांकि, पाकिस्तानी दूतावास सुरक्षित बताया जा रहा है, लेकिन धमाकों की तीव्रता से दूतावास परिसर दहल गया था.
ट्रंप की डेडलाइन और होर्मुज का तनाव
एक तरफ पाकिस्तान युद्ध की धमकी दे रहा है, तो दूसरी तरफ मध्यस्थता की पेशकश भी कर रहा है. पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी कर सकता है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के लिए एक नई समय-सीमा (Deadline) दी है. ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि इस अवधि के समाप्त होने के बाद अमेरिका कड़े सैन्य कदम उठा सकता है.
ऊर्जा संकट और वैश्विक असर
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को चुनिंदा देशों के लिए खोल रखा है, लेकिन तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने की कगार पर है. कच्चे तेल की कीमतें पहले ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जिससे पूरी दुनिया में आर्थिक अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है.