कुवैत सिटी/बगदाद। ईरान और अमेरिका-इजराइल युद्ध के 26वें दिन युद्ध की लपटें अब खाड़ी देशों तक फैल गई हैं. मंगलवार देर रात कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक बड़े ड्रोन हमले ने इलाके में दहशत फैला दी. हमले के कारण एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक (ईंधन टैंक) में भीषण आग लग गई. हालांकि, कुवैती प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया है।
कुवैत की जवाबी कार्रवाई और सुरक्षा अलर्ट
कुवैत की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान में कई दुश्मन ड्रोनों और मिसाइलों को मार गिराया है. सेना ने नागरिकों को सतर्क रहने और सरकार द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. नेशनल गार्ड के मुताबिक, अब तक कुल 5 ड्रोनों को मार गिराया गया है।
इराक में अमेरिकी ठिकानों पर भीषण हमला
वहीं दूसरी ओर, इराक के उग्रवादी संगठन ‘इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक’ ने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. समूह ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उन्होंने 23 अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं. इन हमलों में कितनी क्षति हुई है, इसका आधिकारिक डेटा अभी अमेरिका की ओर से जारी नहीं किया गया है, लेकिन इसे इस युद्ध का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित हमला माना जा रहा है।
युद्ध का 26वां दिन: संघर्ष अब ईरान-इजराइल की सीमाओं से निकलकर कुवैत और इराक तक पहुँच चुका है।
फ्यूल टैंक में आग: कुवैत एयरपोर्ट पर हमले से ईंधन आपूर्ति और उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका है।
अमेरिकी ठिकानों पर खतरा: इराक में अमेरिकी सेना की मौजूदगी वाले 23 स्थान निशाने पर हैं।
शांति की कोशिशें: एक तरफ युद्ध गहरा रहा है, तो दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा 15-सूत्रीय शांति योजना (Peace Plan) के प्रस्ताव की खबरें भी आ रही हैं।