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भारत-चीन संबंधों में जमी बर्फ पिघली: बीजिंग और दिल्ली के बीच फिर शुरू होंगी ‘एअर चाइना’ की सीधी उड़ानें

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नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों में सुधार की दिशा में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। चीनी दूतावास ने शनिवार को आधिकारिक घोषणा की है कि ‘एअर चाइना’ जल्द ही बीजिंग और दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने जा रहा है। साल 2020 में गलवान घाटी में हुए सैन्य तनाव के बाद दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क लगभग टूट गया था, जिसे अब बहाल करना द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजिंग और दिल्ली के बीच इन उड़ानों का फिर से शुरू होना केवल यात्रा की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और आपसी भरोसे को नई मजबूती प्रदान करेगा। यू जिंग के अनुसार, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और ब्रिक्स (BRICS) जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक मंचों के सदस्य देशों के बीच जन-संपर्क और सहयोग बढ़ाने के लिए यह एक अत्यंत सकारात्मक संकेत है।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद के द्वार खुले हैं। अगस्त 2023 के जोहान्सबर्ग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और उसके बाद अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छह साल बाद हुई चीन यात्रा ने संबंधों में सुधार की नींव रखी। यह कूटनीतिक सक्रियता उस समय और महत्वपूर्ण हो गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत और चीन दोनों पर कड़े टैरिफ लगाए गए। इसके जवाब में चीन ने भारत के साथ मजबूती से खड़े रहने का भरोसा दिया था, जिससे व्यापारिक मोर्चे पर दोनों पड़ोसी देशों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।

हवाई सेवाओं की बहाली का सिलसिला पिछले साल ही शुरू हो गया था, जब एअर इंडिया ने शंघाई और दिल्ली के बीच सीधी उड़ानें घोषित की थीं। इसके बाद चाइना ईस्टर्न ने भी शंघाई-दिल्ली रूट पर अपनी सेवाएं शुरू कीं। अब एअर चाइना की वापसी से दोनों देशों के बीच न केवल यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि गलवान झड़प के बाद पैदा हुई कड़वाहट को कम करने और आर्थिक सहयोग को पटरी पर लाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

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