
HighLights
- मोनालिसा केस में हुआ नया खुलासा
- फरमान उसे दीदी कहता था – चाचा
- परिवार ने सरकार से मांगी है मदद
एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मोनालिसा के चाचा विजय भोसले ने कहा है कि फरमान खान मोनालिसा को बहन मानते हुए उसे दीदी कहता था। शादी किए जाने से हम सब सदमे में हैं।
खरगोन। एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए मोनालिसा के चाचा विजय भोसले ने कहा है कि फरमान खान मोनालिसा को बहन मानते हुए उसे दीदी कहता था। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को तार-तार करते हुए शादी किए जाने से हम सब सदमे में हैं। विजय भोसले ने फोन पर चर्चा करते हुए बताया कि फरमान उज्जैन के महाकाल मंदिर में दर्शन करने के लिए आया था और उसने हिंदू धर्म के मुताबिक रुद्राक्ष की माला, टीका आदि धारण किए हुए थे। वह मोनालिसा को हमेशा बहन मानते हुए दीदी कह कर पुकारता था। हमें नहीं मालूम था कि दीदी पुकारने वाला व्यक्ति इस रिश्ते को तार-तार कर देगा। उन्होंने कहा कि हमारे साथ धोखा हुआ है।
पूरे परिवार को जाल में फंसाने का आरोप
उन्होंने बताया कि फरमान ने छुप-छुप कर रील और गाने डालकर मोनालिसा और उसके पिता को प्रभावित कर लिया। उन्होंने कहा कि केवल मोनालिसा नहीं, पूरे परिवार को फंसाया गया। उन्होंने कहा कि वह कहता था कि एक महीने की ट्रेनिंग में कहां से कहां पहुंच जाओगे, ऐसी लाइफ बनेगी कि हमको याद करोगे। विजय भोसले ने बताया कि जब उन्होंने अपने छोटे भाई जय सिंह से पूछा कि यह व्यक्ति कौन है, तो उन्होंने बताया कि वह मोनालिसा को बहन बोलता है और मुझे पापा या अंकल बोलता है। उन्होंने बताया की फरमान और उसके साथियों ने सनोज मिश्रा और ट्रेनर महेंद्र लोधी के खिलाफ भड़का कर उनसे दूर कर दिया और उसे केरल ले गए।
केरल में रची गई साजिश और धमकी
विजय ने बताया कि उनकी मां की तबीयत खराब होने पर उन्होंने छोटे भाई जय भोंसले को फोन लगाकर वापस महेश्वर आने को कहा। जय ने मोनालिसा को इस बारे में बताया तो उसने कहा कि पापा वापस चलते हैं, आप टिकट करा लीजिए। उन्होंने बताया कि जय सिंह ने फरमान को राशि देकर उसे अगले दिन के खुद और मोनालिसा के एयर टिकट करा लिए। उन्होंने बताया कि उसी रात फरमान ने कहा कि वह उन्हें केरल के किसी बड़े नेता के यहां पार्टी में ले जाना चाहता है जहां उनके बड़े-बड़े लोगों से मुलाकात होगी। उसके कहने पर वे दोनों पार्टी में चले गए और अगले दिन जब एयरपोर्ट जाने के लिए कहा तो वह एयरपोर्ट ना ले जाते हुए उसे थाने में ले गया।
थाने का घटनाक्रम और पिता की बेबसी
थाने में जय सिंह को सपोर्ट नहीं किया गया और मोनालिसा भी बोलने लगी कि वह एक्टिंग सीखने के बाद ही आएगी। उन्होंने बताया की जय और मोनालिसा की फ्लाइट सुबह 9:00 बजे की थी लेकिन थाने में ही 2:00 बज गए। थाने में जय सिंह को बोल दिया गया कि मोनालिसा 18 वर्ष की है और वह अपना भला-बुरा समझती है। फरमान के साथी ने जय सिंह को कहा कि वह यहां से चले जाएं अन्यथा उसे काट दिया जाएगा। उन्होंने बताया की जय सिंह के पास केवल ₹2000 बचे थे इसलिए हमने उज्जैन के ट्रेनर महेंद्र लोधी को बोलकर टिकट करवाई। और रात के 11:00 बजे जय सिंह महेश्वर के लिए रवाना हुए।