विज्ञापन ₹ ☎️ 8827666688

रीवा में ‘बच्चा चोर’ की अफवाह ने मचाया तांडव: 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने पिता-पुत्र को घेरा, कार पलटी, पुलिस ने जान पर खेलकर बचाया

Share:

Join Whatsapp group

 

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से भीड़ तंत्र (Mob Lynching) की कोशिश का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। सोहागी थाना क्षेत्र के जवा में गुरुवार रात ‘बच्चा चोरी’ की गलतफहमी और अफवाह के चलते 100 से ज्यादा लोगों की उग्र भीड़ ने एक पिता और उसके 7 साल के मासूम बेटे को घेर लिया। भीड़ इतनी बेकाबू थी कि उन्होंने न केवल उनकी कार को पलट दिया, बल्कि लाठी-डंडों से लैस होकर ‘मारो-मारो’ और ‘आग लगा दो’ के डरावने नारे लगाने लगे। शुक्रवार को इस पूरी घटना का 2 मिनट 25 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें पुलिसकर्मी भीड़ के बीच ढाल बनकर खड़े दिखाई दे रहे हैं।

पारिवारिक विवाद बना अफवाह का आधार

पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी घटना किसी अपराध की नहीं, बल्कि एक पारिवारिक विवाद का नतीजा थी। नीरज गौतम का अपनी पत्नी पुष्पांजलि गौतम से पिछले 2 महीनों से विवाद चल रहा है और दोनों अलग रह रहे हैं। दोनों ही अपने 7 साल के बच्चे की कस्टडी चाहते हैं। गुरुवार रात नीरज अपनी ससुराल पहुंचा और बच्चे को जबरदस्ती साथ ले जाने लगा। इसी दौरान गांव में किसी ने ‘बच्चा चोर’ होने की अफवाह फैला दी, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया।

पुलिस की बहादुरी: मौत के मुंह से सुरक्षित निकाला

जैसे ही सूचना सोहागी थाना पुलिस को मिली, थाना प्रभारी पवन शुक्ला अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर तस्वीरें और वीडियो भयावह थे; कार पलटी हुई थी और भीड़ हिंसक हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों ने भारी विरोध और खुद पर हमले के जोखिम के बावजूद नीरज और उसके बच्चे को भीड़ के चंगुल से सुरक्षित बाहर निकाला। थाना प्रभारी ने बताया कि समय रहते पुलिस के हस्तक्षेप ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया, अन्यथा भीड़ किसी भी हद तक जा सकती थी।

अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी

पुलिस प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। सोहागी थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यह सब एक गलतफहमी और अफवाह के कारण हुआ। फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने भीड़ को उकसाया और ‘आग लगा दो’ जैसे हिंसक नारे लगाए। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा न करें और कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचित करें।

error: Copy not allowed