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सिक्किम में भारी लैंडस्लाइड से 1500 पर्यटक फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू, उत्तर भारत में बर्फबारी और ओलावृष्टि

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गंगटोक। [The NewsBar]   देश के पहाड़ी राज्यों में कुदरत का दोहरा प्रहार देखने को मिल रहा है। सिक्किम के मंगन जिले में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश और भारी बर्फबारी के कारण लाचेन-चुंगथांग मार्ग पर भीषण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस दुर्गम इलाके में करीब 1500 पर्यटक फंसे हुए हैं। प्रशासन ने सोमवार सुबह से ही बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

हिमालयी राज्यों में बर्फबारी का दौर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) के सक्रिय होने से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा फेरबदल हुआ है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम सहित तीन जिलों में रविवार को भारी बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं, प्रदेश के छह अन्य जिलों में बारिश के साथ ओले गिरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के ऊंचाई वाले इलाकों में भी सफेद चादर बिछ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, गोंदला में 28.5 सेमी और केलांग में 20 सेमी बर्फ गिरी है। दूसरी ओर, शिमला, कुल्लू और मंडी जैसे पर्यटन केंद्रों में ओलावृष्टि ने सेब की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है, जिससे बागवानों की चिंता बढ़ गई है।

उत्तर प्रदेश में आसमानी बिजली का कहर मैदानी इलाकों में भी मौसम जानलेवा साबित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में पिछले 72 घंटों के दौरान आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं में 15 लोगों की मौत हो गई है। वाराणसी (काशी), गोंडा, सुल्तानपुर और कानपुर समेत 11 जिलों में रविवार को रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहा। कानपुर, मथुरा और संभल जैसे जिलों में हुई ओलावृष्टि ने तापमान में गिरावट ला दी है, लेकिन जान-माल का काफी नुकसान हुआ है।

मौसम विभाग ने अगले 24 से 48 घंटों के लिए कई राज्यों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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