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50 साल बाद फिर चांद की दहलीज पर इंसान: नासा का ‘आर्टेमिस-2’ मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च

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केनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा। [The NewsBar]  अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रचा गया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 को अपने महत्वाकांक्षी ‘आर्टेमिस-2’ मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. सुबह 4:05 बजे दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ने चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चंद्रमा की ओर उड़ान भरी।

ऐतिहासिक मिशन: 1972 के बाद पहली मानव उड़ान
यह मिशन इसलिए खास है क्योंकि 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहली बार है जब इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को छोड़कर गहरे अंतरिक्ष में जा रहा है. हालांकि यह टीम चांद पर कदम नहीं रखेगी, लेकिन वे चंद्रमा के सुदूर हिस्से (Far side) के करीब से गुजरेंगे और अंतरिक्ष यान के जीवन रक्षक प्रणालियों (Life support systems) का परीक्षण करेंगे।

मिशन का सफर: 10 दिन का रोमांच
प्रक्षेपण: फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के पैड 39B से।

यात्रा: ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के चारों ओर एक ‘फ्री-रिटर्न प्रक्षेपवक्र’ (Free-return trajectory) का पालन करेगा।

दूरी: यह यान चंद्रमा की सतह से लगभग 7,500 किलोमीटर की ऊंचाई से गुजरेगा।

वापसी: 10 दिनों की यात्रा पूरी करने के बाद, अंतरिक्ष यात्री प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन (लैंडिंग) करेंगे।

मिलिए ‘आर्टेमिस-2’ के नायकों से
इस मिशन में चार अनुभवी अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं:

रीड वाइसमैन (Reid Wiseman): मिशन कमांडर (NASA)

विक्टर ग्लोवर (Victor Glover): पायलट (NASA) – चांद की यात्रा करने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति।

क्रिस्टीना कोच (Christina Koch): मिशन स्पेशलिस्ट (NASA) – चांद की यात्रा करने वाली पहली महिला।

जेरेमी हैनसन (Jeremy Hansen): मिशन स्पेशलिस्ट (CSA) – कनाडा के पहले अंतरिक्ष यात्री।

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