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MP राज्यसभा चुनाव; 58 वोट का खेल: कांग्रेस की तीसरी सीट पर संकट, सुप्रीम कोर्ट, क्रॉस वोटिंग और सियासी शतरंज

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MP Rajya Sabha Election 2026: मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले BJP मजबूत, कांग्रेस की तीसरी सीट खतरे में. वोटों के गणित और अंदरूनी संकेतों का पूरा विश्लेषण।

मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव (MP Rajya Sabha Election 2026) जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राजनीतिक समीकरण अचानक और ज्यादा दिलचस्प होता जा रहा है. ताज़ा मोड़ आया है विजयपुर विधायक (Vijaypur MLA Mukesh Malhotra) मुकेश मल्होत्रा के मामले में. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बावजूद वह वोट नहीं डाल पाएंगे. यह एक ऐसा घटनाक्रम है जिसने चुपचाप विधानसभा के गणित को फिर थोड़ा और बदल दिया है, और अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस अपनी “पक्की” दिख रही सीट बचा पाएगी?

ऐसा है सीटों का गणित
मध्यप्रदेश से तीन राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, चुनाव अप्रैल-मई में संभावित हैं. लेकिन यह लड़ाई अब राजनीति से ज्यादा गणित की हो गई है. 230 सदस्यीय विधानसभा में एक सीट जीतने के लिए 58 वोट चाहिए. बीजेपी 160 से ज्यादा विधायकों के साथ आराम से दो सीटें जीतती दिख रही है. असली जंग तीसरी सीट पर है जहां कांग्रेस की जमीन लगातार खिसकती नजर आ रही है. और यहीं से सवाल उठते हैं।

विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे ने बजट सत्र में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था जिसे उन्होंने “पारिवारिक कारण” बताया लेकिन ये वाकया भी इस पूरे घटनाक्रम में नया ट्विस्ट जोड़ता है. कटारे ने साफ कहा है कि न तो उनका किसी से विवाद है, न ही बीजेपी में जाने का कोई सवाल है. लेकिन मौजूदा माहौल में एक सवाल उठना लाज़मी है क्या यह सच में सिर्फ पारिवारिक मामला है? या फिर राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी शतरंज की बिसात बिछ चुकी है?

इस खेल को समझने के लिए सबसे पहले गणित समझना जरूरी है.फॉर्मूला साफ है, लेकिन निर्मम भी – कोटा = (कुल विधायक ÷ (सीट + 1)) + 1मध्य प्रदेश में, 230 ÷ (3 + 1) + 1 = 58 वोटयानी एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 58 विधायकों का समर्थन जरूरी है।

अब तस्वीर देखिए, कांग्रेस के पास कागजों में 65 विधायक हैं, लेकिन हकीकत में यह संख्या घटकर 63 रह गई है. बीना से विधायक निर्मला सप्रे पर दलबदल कानून के तहत मामला चल रहा है, और मुकेश मल्होत्रा वोट नहीं डाल पाएंगे. यानी कांग्रेस के पास 58 के मुकाबले सिर्फ 5 वोट अतिरिक्त हैं।

यही सबसे बड़ा खतरा है. अगर 5-6 विधायक भी क्रॉस वोटिंग कर दें या मतदान से दूर रहें, तो कांग्रेस अपनी “पक्की” सीट भी गंवा सकती है।

  1. दूसरी तरफ बीजेपी बेहद मजबूत स्थिति में है. 165 विधायकों के साथ वह 116 वोट लगाकर दो सीटें आसानी से जीत सकती है. इसके बाद भी उसके पास करीब 47 वोट बचते हैं तीसरी सीट के लिए सिर्फ 11 वोट की कमी. यानी अगर कांग्रेस में जरा सी भी दरार पड़ी तो खेल पूरी तरह पलट सकता है. और ये डर अब सिर्फ आशंका नहीं रह गया है।

हाल के दिनों में हरियाणा और ओडिशा के राज्यसभा चुनावों में क्रॉस वोटिंग देखी जा चुकी है. बिहार में विधायकों की अनुपस्थिति ने नतीजे बदल दिए. अब वही आशंका मध्य प्रदेश में भी मंडरा रही है।

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