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एशिया के सबसे बड़े नोएडा एयरपोर्ट का ‘फर्स्ट लुक’ जारी: गंगा घाट जैसा अहसास और चेहरा ही बनेगा आपका बोर्डिंग पास

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  • नोएडा/जेवर। भारत के बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. यूपी के जेवर में बनकर तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उड़ानों के लिए पूरी तरह सुसज्जित है. 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. 11,000 करोड़ रुपये की लाग

    त से बने इस पहले फेज का काम पूरा हो चुका है, जो दिल्ली के IGI एयरपोर्ट के बोझ को कम करने में गेम-चेंजर साबित होगा।

 

एयरपोर्ट की 5 सबसे खास बातें: विरासत और आधुनिकता का मिलन
वाराणसी और हरिद्वार के घाटों की झलक: एयरपोर्ट के भीतर कदम रखते ही आपको वाराणसी और हरिद्वार के गंगा घाटों जैसा दिव्य अहसास होगा. सीढ़ियों का आर्किटेक्चर और ‘डोम’ के आकार की छत भारतीय परंपरा को आधुनिकता के साथ जोड़ती है।

नेचुरल लाइट और सस्टेनेबल डिजाइन: टर्मिनल की छत को नदी के बहाव जैसी जालीनुमा डिजाइन दी गई है, जिससे दिनभर प्राकृतिक रोशनी अंदर बनी रहती है. यह बिजली की खपत कम करने में मदद करेगा।

चेहरा स्कैन और एंट्री (डिजियात्रा): यहां यात्रियों को लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा. बायोमेट्रिक और फेस-स्कैनिंग तकनीक के जरिए आपकी पहचान ही आपका प्रवेश पत्र होगी।

विशाल क्षमता: पहले चरण में यह सालाना 3 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम है. 2040 तक चारों फेज पूरे होने पर यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।

प्रमुख एयरलाइंस के साथ करार: इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर ने अपने काउंटर स्थापित कर लिए हैं और चेक-इन ट्रायल भी शुरू हो चुका है।

प्रोजेक्ट एट ए ग्लेंस (Project at a Glance)
कुल क्षेत्रफल (फेज 1): 3300 एकड़

उद्घाटन की तारीख: 28 मार्च, 2026

लागत: ₹11,000 करोड़ (फेज 1)

दूरी: दिल्ली IGI एयरपोर्ट से 72 किमी

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