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जज पर भरोसा नहीं, वकील की मांग पर केस दूसरी अदालत में किया ट्रांसफर

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ग्वालियर सत्र न्यायालय ने एक अहम फैसले में अधिवक्ता के केस को एक अदालत से दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है।

प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर सत्र न्यायालय ने एक अहम फैसले में अधिवक्ता के केस को एक अदालत से दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि न्याय के हित में यह कदम जरूरी है, ताकि एक ही घटना से जुड़े मामलों में विरोधाभासी फैसले न आएं।

क्या है मामला

यह मामला अधिवक्ता कमलेश चतुर्वेदी और तहसीलदार पूजा मावई से जुड़ा है। तहसीलदार की शिकायत पर चतुर्वेदी के खिलाफ विश्वविद्यालय थाना में गाली-गलौज और सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी भूपेंद्र सिंह कुशवाह की अदालत में चल रही थी।

वहीं दूसरी ओर, चतुर्वेदी ने भी पूजा मावई सहित अन्य लोगों के खिलाफ एक अलग परिवाद दायर किया, जो न्यायिक मजिस्ट्रेट व्हीपीएस चौहान की अदालत में लंबित है।

वकील ने जताया भरोसे का अभाव

अधिवक्ता चतुर्वेदी ने अदालत में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला झूठा है और जिस कोर्ट में सुनवाई चल रही है, वहां उन्हें निष्पक्ष न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने केस को दूसरी अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की।

कोर्ट ने दिया यह तर्क

सत्र न्यायाधीश ललित किशोर ने दोनों मामलों का परीक्षण करने के बाद पाया कि दोनों एक ही घटना से जुड़े हैं और पक्षकार भी लगभग समान हैं। ऐसे में अलग-अलग अदालतों में सुनवाई होने पर अलग-अलग निर्णय आने की संभावना थी।

दूसरी अदालत में ट्रांसफर

इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि अधिवक्ता के खिलाफ चल रहा केस अब न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेंद्र सिंह कुशवाह की अदालत से हटाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट व्हीपीएस चौहान की अदालत में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही संबंधित रिकॉर्ड नई अदालत को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

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