नई दिल्ली। देश में अवैध ऑनलाइन जुए और सट्टेबाजी के काले साम्राज्य के खिलाफ केंद्र सरकार ने अपना अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है. सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने हाल ही में 300 और अवैध वेबसाइट्स को ब्लॉक कर दिया है, जिससे अब तक प्रतिबंधित किए गए प्लेटफॉर्म्स की कुल संख्या 8400 के पार पहुंच गई है. सरकार के इस कड़े प्रहार से रातों-रात अमीर बनने का झांसा देने वाले सट्टा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
ऑनलाइन गेमिंग एक्ट 2025 का दिखा असर
इस बड़ी कार्रवाई की मुख्य वजह 22 अगस्त 2025 को पारित हुआ ‘ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ है. 1 अक्टूबर 2025 से लागू हुए इस कानून के बाद से सरकार और भी आक्रामक हो गई है. आंकड़ों के मुताबिक:
कुल बैन प्लेटफॉर्म्स: 8400
नए कानून के बाद कार्रवाई: 4900 वेबसाइट्स और ऐप्स अकेले पिछले कुछ महीनों में बंद किए गए।
जनवरी का एक्शन: साल की शुरुआत में ही 242 वेबसाइट्स पर ताला जड़ा गया था।
किन सेवाओं पर गिरी गाज?
सरकार ने उन सभी प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया है जो बिना किसी लाइसेंस के निम्नलिखित सेवाएं दे रहे थे:
सट्टा और मटका नेटवर्क
कैसीनो स्लॉट और रूलेट
लाइव डीलर टेबल और रियल-मनी कार्ड गेम्स
P2P सट्टेबाजी एक्सचेंज
मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर सुरक्षा का खतरा
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये वेबसाइट्स न केवल लोगों को आर्थिक रूप से बर्बाद कर रही थीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध का भी बड़ा जरिया बन गई थीं. अधिकांश ऐप्स विदेशी सर्वर से संचालित हो रहे थे, जिससे देश का पैसा बाहर जा रहा था. नागरिकों को वित्तीय धोखाधड़ी और जुए की लत से बचाने के लिए सरकार ने यह ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।