छिंदवाड़ा। रामनवमी के पावन अवसर पर चौरसिया समाज द्वारा आयोजित 45वां आदर्श सामूहिक विवाह सम्मेलन सामाजिक समरसता, एकजुटता और सादगी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया। सम्मेलन में चार जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत की, जहां समाज के लोगों ने उन्हें आशीर्वाद देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भव्य वाहन रैली के साथ हुई। रैली चौरसिया मंगल भवन से प्रारंभ होकर गणेश चौक, चौरसिया मोहल्ला, डोमन गुरु बाबा मंदिर होते हुए छोटी बाजार स्थित राम मंदिर पहुंची। यहां भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर उत्सव मनाया।
सम्मेलन के दौरान दोपहर से देर रात तक सामूहिक भोज का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने एक साथ बैठकर समता और भाईचारे का संदेश दिया। वहीं दोपहर बाद मंगल भवन में मातृशक्तियों द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
शाम के कार्यक्रम में सामाजिक परिचय के साथ बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। मंच से समाज के पदाधिकारियों ने युवाओं को समाज से जोड़ने, सामाजिक एकता को मजबूत करने तथा विवाह जैसे आयोजनों में फिजूलखर्ची को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर नवविवाहित जोड़ों को दहेज के स्थान पर सामाजिक सहयोग और आशीर्वाद प्रदान कर समाज में सकारात्मक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में सहयोग देने वाले दानदाताओं को लकी ड्रॉ के माध्यम से सम्मानित किया गया तथा सामूहिक विवाह में शामिल वर-वधुओं के माता-पिता का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में छिंदवाड़ा सहित आसपास के जिलों, तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन वर्षों से समाज में एकता, सादगी और संस्कारों को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।