मियामी बीच। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच एक बार फिर अपने चिर-परिचित मजाकिया और आक्रामक अंदाज में बड़ा बयान दिया है. मियामी बीच पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रम्प’ कह दिया।
ट्रम्प ने कहा, “ईरान को इसे खोलना होगा… ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रम्प’… मेरा मतलब है होर्मुज.” हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने हंसते हुए अपनी गलती सुधारी और कहा, “माफ कीजिए, यह एक गलती थी।”
ईरान में 3554 निशाने अभी बाकी
ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ढांचे को काफी हद तक कमजोर कर दिया है, लेकिन ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने खुलासा किया कि ईरान में अभी भी 3554 टारगेट बचे हुए हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा किया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अब पहले जैसा शक्तिशाली नहीं रहा और उसकी सैन्य क्षमता लगातार गिर रही है।
‘जंग’ नहीं, यह ‘मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट’ है
इस सैन्य अभियान के कानूनी पहलुओं पर बात करते हुए ट्रम्प ने एक दिलचस्प तर्क दिया. उन्होंने इसे ‘जंग’ (War) के बजाय ‘मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट’ (सैन्य संघर्ष) कहना पसंद किया. इसके पीछे का कारण बताते हुए उन्होंने कहा:
“युद्ध शुरू करने के लिए संसद (कांग्रेस) की औपचारिक मंजूरी जरूरी होती है, इसलिए हम इसे मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट कह रहे हैं।”
गौरतलब है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिना संसद की मंजूरी के चलाया जा रहा यह ऑपरेशन अब तक का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान माना जा रहा है।