मस्कट पहुंचने पर युवक से 14-15 घंटे झाड़ू-पोछा, बर्तन और टॉयलेट साफ कराया गया, पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और कई दिनों तक भूखा रखा गया।
THE NewsBar | रायसेन। विदेश में सम्मानजनक नौकरी का सपना दिखाकर ठगी करने का मामला सामने आया है। रायसेन जिले के गीदगढ़ गांव निवासी मोहम्मद फैजान को ओमान की मस्जिद में इमाम (नमाज पढ़ाने) की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने करीब दो लाख रुपये ऐंठ लिए।
लेकिन मस्कट पहुंचने पर उन्हें मस्जिद की बजाय 30-40 कमरों वाले मिनिस्ट्री आफिस में झाड़ू-पोछा, बर्तन और टॉयलेट-बाथरूम साफ करने जैसे काम करने पड़े।
कई दिन तक खाना भी नहीं दिया
फैजान ने बताया कि एजेंट ने जनवरी में मेडिकल और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर किश्तों में करीब दो लाख रुपये लिए। 4 मई को वह मस्कट पहुंचे, जहां उनसे रोज 14 से 15 घंटे काम कराया गया। न वेतन दिया और न पर्याप्त भोजन। कई बार उन्हें चार-चार दिन तक भूखा रखा गया।
शिकायत करने पर एजेंट ने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और कंपनी ने पासपोर्ट जब्त कर भारत लौटने के लिए 650 रियाल की मांग की। मस्कट में रहने वाले भारतीयों ने उनकी मदद की।
दूतावास की मदद से हुई वतन वापसी
भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन की पहल पर ओमान स्थित भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और भारतीय प्रवासी सहायता केंद्र ने हस्तक्षेप किया।
लेबर कोर्ट से एग्जिट परमिट मिलने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद फैजान 28 जुलाई को मुंबई पहुंचे और 30 जुलाई की रात अपने गांव गीदगढ़ लौट आए। फैजान और उनके परिजनों ने आरोपी एजेंट तथा फर्जी कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।