🔴 डाबर के 5 प्रोडक्ट्स पर FSSAI की कार्रवाई, ‘100% शुद्ध’ के दावों को बताया भ्रामक
🔴 Dabur पर FSSAI का शिकंजा! ‘100% Pure’ और ‘100% Organic’ दावों पर उठे सवाल
🔴 डाबर के शहद-घी समेत कई प्रोडक्ट्स पर FSSAI की नजर, 15 दिन में मांगी रिपोर्ट
🔴 ‘100% शुद्धता’ का दावा पड़ा भारी! डाबर के कई प्रोडक्ट्स पर FSSAI ने जताई आपत्ति
🔴 डाबर के खाद्य उत्पादों की लेबलिंग पर FSSAI सख्त, ‘100%’ वाले दावों को बताया गुमराह करने वाला
THE NewsBar | शुभम नांदेकर, नई दिल्ली। अगर आप भी ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ या ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले डाबर के खाद्य उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर के कुछ खाद्य उत्पादों पर किए गए ‘100 प्रतिशत’ शुद्धता संबंधी दावों को भ्रामक बताते हुए कंपनी को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
FSSAI ने 3 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए इस संबंध में जानकारी साझा की। प्राधिकरण के मुताबिक डाबर की वेबसाइट पर उपलब्ध कुछ खाद्य उत्पादों पर ऐसे दावे किए गए थे, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। कंपनी से इस मामले में 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
किन दावों पर FSSAI ने जताई आपत्ति?
FSSAI के अनुसार, डाबर के कुछ उत्पादों पर ‘100% Natural’, ‘100% Pure’, ‘100% Purity Guaranteed’, ‘100% Organic’ और ‘100% Tender Coconut Water’ जैसे दावे किए गए थे।
प्राधिकरण का कहना है कि इस तरह के ‘100 प्रतिशत’ दावे उपभोक्ताओं के लिए भ्रामक हो सकते हैं। FSSAI ने इन दावों को अस्पष्ट, असत्यापित और उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाला माना है।
इन उत्पादों को लेकर उठे सवाल
FSSAI की कार्रवाई में डाबर के कई खाद्य उत्पादों के लेबल और उनके प्रचार में किए गए दावों को लेकर आपत्ति सामने आई है। इनमें शहद, घी, नारियल पानी, ऑर्गेनिक हनी और एप्पल साइडर विनेगर जैसे उत्पादों से जुड़े दावे शामिल बताए गए हैं।
हालांकि, कार्रवाई का मुख्य मुद्दा उत्पाद की गुणवत्ता को सीधे तौर पर असुरक्षित घोषित करना नहीं, बल्कि लेबलिंग और ‘100 प्रतिशत’ शुद्धता संबंधी दावों की वैधता से जुड़ा है।
‘जैविक भारत’ लोगो के इस्तेमाल पर भी सवाल
FSSAI के मुताबिक डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर ‘जैविक भारत’ लोगो के इस्तेमाल को लेकर भी आपत्ति दर्ज की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार इन उत्पादों पर वैध FSSAI ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट के बिना इस तरह का लोगो इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। FSSAI ने इसे भी नियमों के उल्लंघन के तौर पर चिन्हित किया है।
‘100% Purity’ वाले दावे पर भी आपत्ति
FSSAI ने डाबर होममेड कोकोनट मिल्क के मामले में भी लेबलिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। उत्पाद को ‘100% Purity’ के दावे के साथ पेश किए जाने पर प्राधिकरण ने आपत्ति जताई है।
FSSAI के मुताबिक मिश्रित या कंपाउंड फूड्स के मामले में इस तरह का ‘100% शुद्धता’ का दावा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (FSS) नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है?
FSSAI की इस कार्रवाई के बाद खाद्य उत्पादों पर लिखे ‘100% Pure’, ‘100% Natural’ और ‘100% Organic’ जैसे दावों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्राधिकरण का रुख साफ है कि कंपनियां ऐसे दावों का इस्तेमाल इस तरह नहीं कर सकतीं, जिससे उपभोक्ताओं को उत्पाद की प्रकृति या गुणवत्ता को लेकर गलत धारणा बने।
THE NewsBar की सलाह: किसी भी पैक्ड फूड प्रोडक्ट को खरीदते समय केवल विज्ञापन या ‘100% शुद्ध’ जैसे दावों पर निर्भर न रहें। उत्पाद की पैकेजिंग पर मौजूद FSSAI लाइसेंस नंबर, सामग्री, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारी भी जरूर जांचें।