कम बारिश से खेतों में फसलें सूखने की कगार पर, कुओं का जलस्तर भी गिरा- जिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपा ज्ञापन।
जतन उईके बोले—तत्काल गिरदावरी कराएं, किसानों को मुआवजा-बीमा दें और कृषि ऋण में राहत दें।
THE NewsBar | शुभम नांदेकर, पांढुर्णा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के रविवार को पांढुर्णा जिला मुख्यालय आगमन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी पांढुर्णा के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष जतन उईके ने मुख्यमंत्री से किसानों की मौजूदा स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री महोदय, हाथ जोड़कर विनती है कि पांढुर्णा को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को राहत और मुआवजा दिलाया जाए।”
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस वर्ष जिले में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण खरीफ फसलों पर गंभीर असर पड़ा है। सोयाबीन, कपास, मक्का, तुअर, मूंगफली सहित कई फसलें पानी की कमी के चलते प्रभावित हो रही हैं। खेतों में नमी तेजी से खत्म होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के जलस्रोतों का जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है। कई कुओं में पानी इतना कम हो गया है कि मोटर चलाने के बावजूद पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पा रही है।
बारिश की कमी का सीधा असर खेतों पर
जिले में कम बारिश का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। किसानों के अनुसार इस समय खरीफ फसलों को सिंचाई की आवश्यकता है, लेकिन जलस्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं होने से फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। कई क्षेत्रों में तुअर, कपास, मूंगफली सहित अन्य फसलें मुरझाने लगी हैं।
ग्राम लांघा के किसान कपूर किनकर ने बताया कि पानी की कमी के कारण खेतों में खड़ी फसलों को समय पर सिंचाई नहीं मिल पा रही है। लगातार नमी कम होने से फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं। उन्होंने प्रशासन से क्षेत्र की फसलों का तत्काल सर्वे कराने तथा किसानों को राहत देने की मांग की।
वहीं किसान वासुदेव किनकर ने कहा कि बारिश कम होने से खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है और कुओं में भी पानी कम हो गया है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो किसानों के सामने खड़ी फसलों को बचाने का संकट और गहरा सकता है।
मध्यप्रदेश में कम बारिश वाले जिलों में पांढुर्णा टॉप-6 में
कम बारिश की स्थिति को लेकर कांग्रेस ने दावा किया कि पांढुर्णा जिला मध्यप्रदेश के सबसे कम बारिश वाले जिलों में टॉप-6 में शामिल है। ऐसे में जिले में सूखे जैसे हालात बनने की आशंका के बीच किसानों को तत्काल सरकारी राहत की जरूरत है।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि –
- पांढुर्णा जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
- प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का सर्वे/गिरदावरी कराई जाए।
- प्रभावित किसानों को मुआवजा, फसल बीमा एवं राहत राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
- किसानों के कृषि ऋण को माफ अथवा स्थगित करने पर निर्णय लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने दिया उचित कार्रवाई का आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष किसानों की समस्याओं और फसल नुकसान की स्थिति को विस्तार से रखा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि शासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई करेगा।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जतन उईके, सौसर विधायक विजय चौरे, पांढुर्णा विधायक नीलेश उईके सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।