THE NewsBar | नई दिल्ली। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने शराब के कुछ लोकप्रिय उत्पादों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। Old Monk, Royal Challenge, Antiquity Blue और Bagpiper Deluxe समेत कुछ चुनिंदा व्हिस्की और रम वेरिएंट की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
FSSAI की जांच और लैब परीक्षण में संबंधित उत्पादों में Artificial या “Nature-Identical” Flavouring पाए जाने की बात सामने आई है। नियामक के अनुसार, शराब के उसी प्रकार के स्वाद और खुशबू को कृत्रिम फ्लेवर से तैयार करना निर्धारित निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं है। FSSAI ने प्रभावित उत्पादों को इन नियमों के उल्लंघन के कारण “Sub-standard” बताया है।
🔴 किन उत्पादों पर कार्रवाई?
रिपोर्टों के अनुसार कार्रवाई में शामिल हैं- 🚨
• Antiquity Blue Whisky – United Spirits
• Royal Challenge Whisky – United Spirits
• Bagpiper Deluxe Whisky – Inbrew Beverages
• Old Cask Deluxe XXX Rum – Inbrew Beverages
• Old Monk के तीन वेरिएंट – महाराष्ट्र में निर्मित
🧪 क्या मिला जांच में?
FSSAI के मुताबिक संबंधित उत्पादों में ऐसे बाहरी Artificial या Nature-Identical Flavours पाए गए, जिनका इस्तेमाल उसी शराब की प्राकृतिक खुशबू और स्वाद की नकल के लिए किया गया था। नियामक का कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया पारंपरिक maturation और प्राकृतिक ingredients पर निर्भरता को दरकिनार कर सकती है।
📍 मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़ा मामला
कार्रवाई में शामिल कुछ उत्पाद मध्य प्रदेश में स्थित निर्माण इकाइयों से जुड़े हैं, जबकि Old Monk के तीन वेरिएंट महाराष्ट्र में निर्मित बताए गए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि आदेश केवल जांची गई विशिष्ट निर्माण इकाइयों के उत्पादों तक सीमित है या समान ब्रांड के दूसरे स्थानों पर बने उत्पाद भी इसके दायरे में आते हैं।
⚖️ कंपनियों ने उठाए सवाल
उद्योग से जुड़े कुछ अधिकारियों ने कहा है कि फ्लेवरिंग का इस्तेमाल भारतीय नियमों के अनुरूप होने की उनकी समझ थी। वहीं, Reuters के अनुसार Diageo की भारतीय इकाई United Spirits ने FSSAI के फैसले को अदालत में चुनौती दी है। इसलिए मामले में आगे कानूनी और नियामकीय स्थिति महत्वपूर्ण होगी।
⚠️ जरूरी बात
इस कार्रवाई को पूरे Old Monk, Royal Challenge, Bagpiper या Antiquity Blue ब्रांड पर देशव्यापी प्रतिबंध समझना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक रोक चुनिंदा वेरिएंट और संबंधित निर्माण इकाइयों से जुड़े उत्पादों पर है।
FSSAI की इस कार्रवाई ने शराब उद्योग में फूड सेफ्टी, फ्लेवरिंग और उत्पाद मानकों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।