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अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट: जंग के बाद और ताकतवर हुआ ईरान, जब चाहे रोक देगा दुनिया की तेल सप्लाई

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THE NewsBar | वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बेहद संवेदनशील बातचीत और आगामी समझौते (MoU) की तैयारियों के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसियों (US Intelligence Agencies) ने एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है, जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। CNN की एक खोजी रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया युद्ध और तमाम प्रतिबंधों के बावजूद ईरान पहले से कहीं अधिक घातक और शक्तिशाली होकर उभरा है।

अमेरिकी खुफिया आकलन (US Intelligence Assessment) से परिचित तीन अज्ञात सूत्रों ने बताया कि जंग ने ईरान को कमजोर करने के बजाय उसे एक ऐसी नई और आक्रामक क्षमता दे दी है, जिसके दम पर वह जब चाहे वैश्विक अर्थव्यवस्था (Global Economy) की रीढ़ को तोड़ सकता है।

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर ईरान का नियंत्रण: परमाणु बम से भी बड़ा हथियार!

रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला दावा खाड़ी क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस हालिया संघर्ष के दौरान ईरान ने यह सीख लिया है कि इस रणनीतिक जलमार्ग को अपनी मर्जी से कैसे और कब पूरी तरह ब्लॉक करना है।

एक अमेरिकी अधिकारी ने इस रिपोर्ट के हवाले से बेहद गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा:

“हमने अनजाने में ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वास्तविक नियंत्रण सौंप दिया है। यह एक ऐसा रणनीतिक हथियार है जो किसी भी परमाणु बम (Nuclear Bomb) से कहीं ज्यादा असरदार और विनाशकारी साबित हो सकता है।”

बता दें कि दुनिया के कुल तेल परिवहन (Global Oil Supply) का लगभग पांचवां हिस्सा (20%) इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। अगर ईरान इसे बंद करता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगेंगी और दुनिया भर में भयंकर मंदी आ सकती है।

डबल संकट: हूती विद्रोहियों के जरिए बाब-अल-मंदेब पर भी नजर

अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चिंता सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि वर्तमान में चल रही परमाणु वार्ता (Nuclear Talks) किसी भी वजह से विफल होती है, तो ईरान अपने प्रॉक्सी नेटवर्क का इस्तेमाल करेगा।

ईरान यमन के हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) को सक्रिय कर बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट (Bab-el-Mandeb Strait) में भी बड़ा संकट खड़ा कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो दुनिया के दो सबसे बड़े और महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग (Strait of Hormuz और Bab-el-Mandeb) एक साथ ब्लॉक हो जाएंगे। यह स्थिति वैश्विक लॉजिस्टिक्स, शिपिंग इंडस्ट्री और ट्रेड रूट के लिए किसी बुरे सपने जैसी होगी।

हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी प्रशासन के बीच आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है, जिसके तहत इस रास्ते को खोलने की बात की जा रही है। लेकिन अमेरिकी इंटेलिजेंस इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है कि ईरान ने अपनी मिसाइल, ड्रोन और माइन-बिछाने (Sea Mines) की क्षमता को इतनी तेजी से दोबारा खड़ा कर लिया है कि समझौता होने के बाद भी वह भविष्य में इस रूट को एक ‘प्रेशर पॉइंट’ की तरह इस्तेमाल करता रहेगा।

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