महाराष्ट्र शासन ने 2729 हेक्टेयर भूमि को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया
THE NewsBar | सावनेर। महाराष्ट्र शासन के उद्योग, ऊर्जा, श्रम एवं खनिकर्म विभाग ने महाराष्ट्र औद्योगिक विकास अधिनियम, 1961 की धारा 2(ग) के अंतर्गत सावनेर तहसील के विभिन्न गांवों की भूमि को डिफेंस न्यूक्लियर एयरोस्पेस (DNA) कॉरिडोर परियोजना हेतु औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की अधिसूचना जारी कर दी है। 12 जून 2026 को जारी इस अधिसूचना के साथ ही सावनेर में प्रस्तावित DNA कॉरिडोर की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। इसे विदर्भ के औद्योगिक विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है।
अधिसूचना के अनुसार मौजा खुर्सापार, जोगा, जैतपुर, छत्रापुर, मालेगांव (जो.), नांदागोमुख, सालई, सावली (मो.) तथा जटामखोरा सहित कुल 2729.8279 हेक्टेयर क्षेत्र को परियोजना के लिए अधिसूचित औद्योगिक क्षेत्र घोषित किया गया है।
अधिसूचित क्षेत्र का विवरण:
- खुर्सापार – 124.191 हेक्टेयर
- जोगा – 563.47 हेक्टेयर
- जैतपुर – 332.6439 हेक्टेयर
- छत्रापुर – 38.56 हेक्टेयर
- मालेगांव (जो.) – 592.75 हेक्टेयर
- नांदागोमुख – 353.68 हेक्टेयर
- सालई – 174.05 हेक्टेयर
- सावली (मो.) – 258.72 हेक्टेयर
- जटामखोरा – 291.76 हेक्टेयर
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से एयरोस्पेस, रक्षा उत्पादन, न्यूक्लियर तकनीक, रोबोटिक्स तथा उन्नत इंजीनियरिंग जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। विमान, ड्रोन, उपग्रह उपकरण, रक्षा सामग्री, मिसाइल प्रणालियों एवं उच्च तकनीकी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना से सावनेर देश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों में शामिल हो सकेगा।
परियोजना के क्रियान्वयन से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित होने की संभावना है, जिससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और विदर्भ के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त होगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ एवं ‘आत्मनिर्भर भारत’ की परिकल्पना के अनुरूप देशभर में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। सावनेर का DNA कॉरिडोर इस राष्ट्रीय अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
विधायक डॉ. आशिषराव देशमुख ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर महाराष्ट्र शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना सावनेर एवं पूरे विदर्भ के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी।