THE NewsBar | भोपाल। मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और शहरी संजीवनी क्लिनिकों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा अधिकारी (PGMO) और मेडिकल ऑफिसर के 306 रिक्त पदों पर संविदा भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। नियुक्तियां होने के बाद जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और संजीवनी क्लिनिकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी दूर
भर्ती के तहत विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट सहित अन्य चिकित्सा पद शामिल हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को बेहतर उपचार स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा और गंभीर मामलों को बड़े अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत भी कम होगी।
भोपाल के इन क्षेत्रों में भी डॉक्टरों की तैनाती
शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भोपाल के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और संजीवनी क्लिनिकों में भी डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें संत हिरदाराम नगर, गोविंदपुरा, अयोध्या एक्सटेंशन, कटारा हिल्स, टीला जमालपुरा, वल्लभ नगर, चांदबड़, कोकता, बावड़िया कला, शाहपुरा और बैरसिया क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी जरूरत के अनुसार डॉक्टरों की पदस्थापना की जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
एनएचएम की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी ने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्रों और संजीवनी क्लिनिकों में आम जनता को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से 306 संविदा डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों को भरा जा सकेगा।
इस भर्ती से प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में डॉक्टरों की कमी दूर होने के साथ मरीजों को समय पर उपचार मिलने और अनावश्यक रेफरल कम होने की उम्मीद है।