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कांगो में इबोला का कहर, मरीजों की संख्या 1200 के पार, 321 की मौत, WHO और Africa CDC ने जताई बड़ी चिंता

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THE NewsBar | किंशासा। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी जारी है। आंकड़ा 1,200 के पार पहुंच गया है। 1,203 लोगों के इबोला पीड़ित होने की पुष्टि की जा चुकी है जिसमें से 321 जान गंवा चुके हैं। यह जानकारी देश के सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से जारी नवीनतम रिपोर्ट में दी गई।

शुक्रवार (स्थानीय समयानुसार) को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक 148 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 419 मरीज आइसोलेशन में हैं या अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने 265 संदिग्ध मामलों की भी पहचान की है, जिनमें से 77 की मौत हो चुकी है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि डीआरसी में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग (संपर्कों की निगरानी) का काम तेजी से जारी है और कई मरीज ठीक होकर घर लौट रहे हैं।

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि इस बीमारी के खिलाफ लड़ाई अभी “बहुत लंबी” है। उन्होंने कहा कि इलाके के संघर्ष और असुरक्षा राहत कार्यों को धीमा कर रहे हैं। इतना ही नहीं लोगों में भरोसे की कमी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

रिपोर्ट में प्रतिक्रिया अभियान के सामने मौजूद कई गंभीर चुनौतियों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें समुदायों द्वारा पोस्ट-मॉर्टम परीक्षण का विरोध, इतुरी क्षेत्र में उपचार क्षमता की कमी, और उपचार केंद्रों का लगभग पूरी तरह भर जाना शामिल है।

इसके अलावा, संपर्क ट्रेसिंग दर का 95 प्रतिशत लक्ष्य से नीचे रहना, आवश्यक दवाओं की कमी, संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण सामग्री की कमी, तथा लगभग 20 आइसोलेशन केंद्रों की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आई हैं।

सशस्त्र समूहों से प्रभावित क्षेत्रों में असुरक्षा और सीमित पहुंच, आबादी का लगातार स्थानांतरण, तथा लगभग 20 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग कमी को भी प्रमुख बाधाओं के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

यह वर्तमान प्रकोप, जो बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के कारण हुआ है, 15 मई को आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था।

इस बीच, अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने इबोला प्रतिक्रिया प्रयासों के लिए 1.4 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता की अपील की है।

एक ऑनलाइन प्रेस ब्रीफिंग में अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कासेया ने कहा कि घोषणा के पांच सप्ताह बाद भी यह प्रकोप अपने चरम पर नहीं पहुंचा है और पिछले सप्ताह मामलों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो यह अब तक का सबसे बड़ा इबोला प्रकोप बन सकता है।

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