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लद्दाख से खुलेगा अमरनाथ यात्रा का तीसरा मार्ग, सिर्फ एक दिन में हो सकेंगे बाबा बर्फानी के दर्शन

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THE NewsBar | शुभम नांदेकर, श्रीनगर। बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। श्री अमरनाथ धाम तक पहुंचने के लिए जल्द ही लद्दाख से तीसरा वैकल्पिक मार्ग विकसित किया जा सकता है। इस प्रस्तावित मार्ग के बनने से श्रद्धालु सिर्फ एक दिन में अमरनाथ गुफा के दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा यात्रा का दबाव भी मौजूदा दो मार्गों—बालटाल और पहलगाम—पर कम होगा।

जानकारी के अनुसार, यह नया मार्ग लद्दाख के मीनामर्ग को समुद्र तल से लगभग 12,756 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से जोड़ेगा। प्रस्तावित मार्ग की लंबाई करीब 6 किलोमीटर होगी, जबकि वर्तमान में बालटाल मार्ग से गुफा की दूरी लगभग 14 किलोमीटर और पहलगाम मार्ग से 34 किलोमीटर है।

पुरानी मांग पर फिर शुरू हुई पहल

लद्दाख से अमरनाथ गुफा तक तीसरा मार्ग बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। हाल ही में आयोजित सिंधु महाकुंभ के दौरान इस मुद्दे को फिर प्रमुखता से उठाया गया। लेह स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद ताशी ग्यालसन ने केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन से इस दिशा में जल्द कदम उठाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि इस मार्ग के बनने से न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, बल्कि लद्दाख घूमने आने वाले पर्यटक भी एक ही दिन में बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकेंगे। साथ ही हिमाचल प्रदेश की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी लेह और जंस्कार के रास्ते नया विकल्प मिलेगा।

डीपीआर तैयार, बीआरओ से भी हो रही चर्चा

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग निर्माणाधीन जोजिला सुरंग के पूर्वी मुहाने (मीनामर्ग-द्रास) से अमरनाथ गुफा तक विकसित किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।

बताया जा रहा है कि लद्दाख प्रशासन इस योजना को गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है और सीमा सड़क संगठन (BRO) के साथ भी तकनीकी चर्चा जारी है, ताकि मार्ग निर्माण की संभावनाओं का आकलन किया जा सके।

सर्दियों में भी आसान हो सकती है पहुंच

विशेषज्ञों का मानना है कि जोजिला सुरंग के निर्माण के बाद कश्मीर और लद्दाख के बीच सालभर सड़क संपर्क बना रहेगा। ऐसे में भविष्य में मीनामर्ग से अमरनाथ गुफा तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकती है।

इस मार्ग की भौगोलिक स्थिति भी अपेक्षाकृत अनुकूल मानी जा रही है। यहां घाटियां चौड़ी और अधिक सुरक्षित हैं, जिससे श्रद्धालुओं के लिए कैंप, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करना आसान होगा।

अभी दो मार्गों से होती है यात्रा

  • बालटाल मार्ग: लगभग 14 किमी (सबसे छोटा, लेकिन अधिक कठिन)
  • पहलगाम मार्ग: लगभग 34 किमी (लंबा, लेकिन अपेक्षाकृत आसान)
  • प्रस्तावित मीनामर्ग (लद्दाख) मार्ग: करीब 6 किमी, जिससे एक दिन में दर्शन संभव होने की उम्मीद।

फिलहाल यह मार्ग प्रस्ताव के चरण में है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है और अंतिम स्वीकृति तथा निर्माण के बाद ही इसे श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।

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