THE NewsBar | उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के झारड़ा थाना क्षेत्र के हरनियाखेड़ा गांव में एक महिला और उसके दूसरे पति के साथ ग्रामीणों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। महिला के बाल काट दिए गए, उसके कपड़े फाड़ दिए गए और दंपती को जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।
तीन साल पहले छोड़ा था पहला पति, दूसरे युवक से की थी शादी
पुलिस के अनुसार करीब 30 वर्षीय महिला ने तीन वर्ष पहले अपने पहले पति को छोड़कर गांव के ही दूसरे युवक से विवाह कर लिया था। दोनों इंदौर में रह रहे थे। मंगलवार को जमीन संबंधी मामले के सिलसिले में दंपती हरनियाखेड़ा गांव पहुंचे थे। इसी दौरान महिला के पहले पति के परिजनों और कुछ ग्रामीणों ने दोनों को घेर लिया।
भीड़ ने की अमानवीय हरकत
आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने महिला के बाल काट दिए, उसके कपड़े फाड़ दिए और दंपती के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, दोनों के गले में जूतों की माला पहनाकर पूरे गांव में घुमाया गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, लेकिन किसी ने पीड़ितों को बचाने की कोशिश नहीं की। अधिकांश लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे।
तीन आरोपी गिरफ्तार, 8 फरार
झारड़ा थाना प्रभारी आनंद भाबोर ने बताया कि घटना मंगलवार दोपहर की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर कई आरोपी मौके से फरार हो गए। घेराबंदी कर पुलिस ने सुमेरसिंह, बद्रीलाल और कचरू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पीड़ित दंपती के बयान दर्ज कर 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि आठ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
गांव में बढ़ाई गई पुलिस निगरानी
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप
हालांकि घटना मंगलवार की बताई जा रही है, लेकिन गुरुवार को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला प्रदेशभर में सुर्खियों में आ गया। घटना ने कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
THE NewsBar View
किसी व्यक्ति के वैवाहिक जीवन या निजी फैसलों से असहमति होना अलग बात है, लेकिन कानून अपने हाथ में लेकर किसी महिला और पुरुष को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना गंभीर अपराध है। यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि समाज में भीड़तंत्र की बढ़ती प्रवृत्ति पर भी चिंता पैदा करती है। दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई आवश्यक है।