अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने का आश्वासन; एसडीएम ने भी अधिकारियों को दिए निराकरण के निर्देश, मांगें पूरी नहीं हुईं तो 17 अक्टूबर के किसान आंदोलन में उठेगा मुद्दा
THE NewsBar | सौंसर।
कम बारिश और बिजली की अनियमित आपूर्ति से जूझ रहे ग्राम सायरा के किसानों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। बार-बार बिजली ट्रिपिंग, कम वोल्टेज और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से परेशान किसानों ने मंगलवार को मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव सोपान कोहले के नेतृत्व में विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय, सौंसर में करीब एक घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने जमकर नारेबाजी करते हुए विभाग से तत्काल राहत देने और सिंचाई के लिए दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और वोल्टेज की समस्या दूर करने का आश्वासन दिया।
ओवरलोड ट्रांसफार्मर से परेशान किसान, फसल की सिंचाई पर संकट
किसानों के अनुसार, ग्राम सायरा में बिजली आपूर्ति की स्थिति लगातार परेशानी का कारण बनी हुई है। गांव में लगे दो ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक भार होने के चलते बार-बार बिजली ट्रिपिंग और कम वोल्टेज की समस्या सामने आ रही है। इसका सीधा असर खेतों में सिंचाई पर पड़ रहा है।
कम बारिश के कारण फसलों को बचाने के लिए सिंचाई बेहद जरूरी हो गई है। ऐसे में पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने मांग की कि सायरा को उटीकाटा फीडर से अलग कर सौंसर फीडर से जोड़ा जाए, बिजली का वोल्टेज बढ़ाया जाए और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, ताकि खेतों तक पर्याप्त बिजली पहुंच सके।
विद्युत अधिकारियों ने दिया आश्वासन
धरना प्रदर्शन के दौरान सहायक अभियंता सौंसर जितेन्द्र सैनी ने दूरभाष पर युवा कांग्रेस नेता सोपान कोहले की बातचीत डीई धुर्वे से कराई। चर्चा के दौरान वोल्टेज की समस्या दूर करने और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने का आश्वासन दिया गया। हालांकि, किसानों की प्रमुख मांग फीडर बदलने को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
एसडीएम से भी लगाई गुहार, तत्काल कार्रवाई के निर्देश
विद्युत विभाग कार्यालय में प्रदर्शन के बाद सोपान कोहले के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम सौंसर सिद्धार्थ पटेल से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। किसानों ने बताया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है और समय रहते समाधान नहीं हुआ तो फसलों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एसडीएम सिद्धार्थ पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दूरभाष पर डीई धुर्वे से चर्चा की और किसानों की समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। अब किसानों को विद्युत विभाग की ओर से किए गए आश्वासन पर अमल होने का इंतजार है।
17 अक्टूबर के किसान आंदोलन में भी उठेगा मुद्दा
युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव सोपान कोहले ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना शासन और विद्युत विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि ग्राम सायरा सहित क्षेत्र के किसानों की बिजली समस्या से पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व सांसद नकुलनाथ को अवगत कराया जाएगा। कोहले ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो 17 अक्टूबर को नकुलनाथ के नेतृत्व में सौंसर में आयोजित किसान आंदोलन में ग्राम सायरा सहित क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि युवा कांग्रेस किसानों के हितों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी और समस्या के समाधान तक इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाती रहेगी।
धरना प्रदर्शन में ये किसान रहे उपस्थित: रेवनाथ गुर्वे, विनायक गुर्वे, संदीप रूघे, हर्ष वाठ, प्रवीण खडाईत, हरिओम गुर्वे, विनोद गुर्वे, अभिषेक गुर्वे, राजेन्द्र रूघे, विनायक खडसे, राजू जाने, बबलू वाफाडे, प्रदीप रुघे, शंकर बेड़े, जगदीश मगरूलकर, महादेव बल्ले, टिकाराम गुर्वे, प्रणित रूघे, आनंद रूघे, राजेश मगरूलकर, महेश गुर्वे, प्रमोद गुर्वे, संदीप खडसे, विट्ठल गुर्वे, माधव गुर्वे सहित अन्य किसान एवं साथी उपस्थित थे।