चिचखेड़ा के हिमांशु गाजरें और निखिल कोहले की पहल बनी युवाओं के लिए प्रेरणा, फार्म पर देते हैं मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण
THE NewsBar | पांढुर्णा। मेहनत, लगन और नवाचार के दम पर दो युवाओं ने स्वरोजगार की मिसाल पेश की है। ग्राम चिचखेड़ा के हिमांशु गाजरें और निखिल कोहले ने महज 10 बैग से ओयस्टर मशरूम उत्पादन शुरू किया था, जो अब बढ़कर लगभग 400 बैग तक पहुंच गया है।
दोनों युवाओं ने 10 सितंबर 2026 को 15×15 फीट के कमरे से इस काम की शुरुआत की। आज उनके फार्म पर प्रतिदिन करीब 10 से 15 किलोग्राम मशरूम का उत्पादन हो रहा है, जिसकी बाजार कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलोग्राम है।
दोनों युवा अपने फार्म पर इच्छुक लोगों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी देते हैं, ताकि अन्य युवा इस तकनीक को सीखकर स्वरोजगार अपना सकें। सीमित जगह और संसाधनों से शुरू की गई उनकी यह पहल ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।