THE NewsBar | भोपाल। मुख्यमंत्री ने योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर जिला मुख्यालयों में आयोजित समारोहों के दौरान प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में हुए विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा जनता के सामने प्रस्तुत करें। इसके लिए कार्यक्रम स्थलों पर विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल विकास कार्यों के एक प्रकार के “सोशल ऑडिट” के रूप में काम करेगी।
जिला विकास समितियों को मिलेगी बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विकास समितियों का राज्यस्तरीय सम्मेलन भोपाल में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने समितियों को विकास योजनाओं के नियोजन और क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा जिलों में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ेंगे CCTV कैमरे
डॉ. यादव ने विधानसभा क्षेत्र विकास योजना के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया। साथ ही किफायती आवास निर्माण में ईको-फ्रेंडली भवन निर्माण सामग्री के उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने विभागवार, संभागवार और जिलावार सभी सांख्यिकीय आंकड़ों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
विश्राम घाट पर ही मिले मृत्यु पंजीयन की सुविधा
मुख्यमंत्री ने जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि विश्राम घाटों पर ही मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया शुरू करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के लोगों को मृत्यु प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी।
स्थानीय जरूरतों के अनुसार तय होंगे विकास सूचकांक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले के विकास सूचकांक उसकी स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित किए जाने चाहिए। औद्योगिक, कृषि प्रधान और वन क्षेत्र वाले जिलों के लिए अलग-अलग विकास मानक तय किए जाएं, ताकि वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास को गति मिल सके।
प्राकृतिक खेती और ग्रामीण आवास निर्माण पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं मकान बनाने वाले लोगों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने तथा उपयुक्त निर्माण सामग्री के बारे में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।
जल संरक्षण अभियान में समितियों की सक्रिय भागीदारी
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 1.37 लाख से अधिक छात्र लाभान्वित हो चुके हैं। वहीं जल गंगा संवर्धन अभियान में प्रस्फुटन और नवांकुर समितियों ने कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदी घाटों की सफाई, जल संगोष्ठी तथा बावड़ी उत्सव जैसे आयोजनों में सक्रिय योगदान दिया।
25 हजार से अधिक घुमंतु परिवारों का पंजीयन
विमुक्त, घुमंतु एवं अर्द्धघुमंतु परिवारों के चिन्हांकन और पंजीयन अभियान के तहत अब तक 25 हजार से अधिक परिवारों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी निरंतर जारी है।
प्रमुख बातें
- 15 अगस्त पर प्रभारी मंत्री जनता के सामने रखेंगे जिलेवार विकास रिपोर्ट।
- विकास कार्यों और योजनाओं की प्रदर्शनियां लगेंगी।
- सार्वजनिक स्थलों पर CCTV कैमरे लगाने पर जोर।
- विश्राम घाटों पर मृत्यु पंजीयन सुविधा शुरू करने की तैयारी।
- जिलों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार विकास सूचकांक तय होंगे।
- प्राकृतिक खेती और ईको-फ्रेंडली आवास निर्माण को बढ़ावा।
- जल गंगा संवर्धन अभियान में समितियों की सक्रिय भागीदारी।
- 25 हजार से अधिक घुमंतु परिवारों का पंजीयन पूरा।