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4 करोड़ का चावल घोटाला: बोरगांव स्थित AVJ एग्रीको के दो प्रतिनिधि गिरफ्तार, 28 जून तक पुलिस रिमांड

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एथेनॉल प्लांट तक नहीं पहुंचा FCI का 16,500 क्विंटल चावल का रहस्य गहराया

THE NewsBar | पांढुर्णा/बोरगांव। बालाघाट के बहुचर्चित चावल घोटाले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मामले में सौंसर विधानसभा क्षेत्र के बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र में संचालित AVJ Agrico Pvt. Ltd. के दो प्रतिनिधियों राहुल प्रताप और राकेश श्रीवास को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद 28 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

जांच के अनुसार, भारतीय खाद्य निगम (FCI) बालाघाट द्वारा एथेनॉल उत्पादन के लिए AVJ एग्रीको को भेजा गया लगभग 16,500 क्विंटल चावल, जिसकी कीमत करीब 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है, संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया। अप्रैल से जून के बीच यह चावल 44 ट्रकों के माध्यम से भेजा गया था, लेकिन निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंच सका।

सिंडिकेट की भूमिका की आशंका

प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि एथेनॉल प्लांट और कुछ मिलर्स के बीच बने एक कथित सिंडिकेट ने चावल को रास्ते में ही खपाने की साजिश रची। इसी कड़ी में पुलिस ने कंपनी के दो प्रतिनिधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

रिमांड में खुल सकते हैं कई राज

पुलिस और जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच का फोकस मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर है-

  • आवंटित चावल वास्तव में किन स्थानों पर भेजा गया?
  • परिवहन व्यवस्था की निगरानी किसके जिम्मे थी?
  • दस्तावेजों और वास्तविक परिवहन आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर कैसे आया?
  • पूरे नेटवर्क में किन अन्य लोगों या प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका रही?

दस्तावेजों और GPS रिकॉर्ड की जांच

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां परिवहन से जुड़े दस्तावेज, वे-ब्रिज रिकॉर्ड, जीपीएस डेटा, गोदामों की एंट्री और संबंधित कंपनियों के बीच हुए पत्राचार का मिलान कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं।

फिलहाल दो गिरफ्तारियों के बाद बोरगांव औद्योगिक क्षेत्र सहित पूरे क्षेत्र में इस कथित चावल घोटाले की चर्चा तेज हो गई है, जबकि पुलिस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है।

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