भोपाल। डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य में 1,752 ई-सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि पहले स्थान पर कर्नाटक है, जहां 2,102 ई-सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
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भोपाल। डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। राज्य में 1,752 ई-सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि पहले स्थान पर कर्नाटक है, जहां 2,102 ई-सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित नीतियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (NESDA) के मानकों के अनुसार मध्य प्रदेश ने यह स्थान हासिल किया है। राज्य डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 59 अनिवार्य सेवाओं का 100 प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पिछले वर्ष मोहन यादव द्वारा ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल और मोबाइल एप’ का शुभारंभ किया गया था। इस एकीकृत प्लेटफॉर्म के जरिए 56 विभागों की 1700 से अधिक सरकारी सेवाएं और योजनाएं एक ही डिजिटल विंडो पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
‘एमपी ई-सेवा’ पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2026 तक 100 प्रतिशत ई-सेवा डिलीवरी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब नागरिकों को अलग-अलग वेबसाइट्स पर लॉगिन करने या बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
इस पोर्टल और मोबाइल एप के जरिए नागरिक पात्रता जांच, आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग और अनुमोदन जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर सकते हैं। साथ ही, आधार आधारित प्रमाणीकरण, ई-साइन और डिजिटल प्रमाणपत्र के जरिए यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पेपरलेस और फेसलेस बना दी गई है।