इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास सड़क पर बने दर्जनों गड्ढों से बढ़ा हादसों का खतरा, एनसीपी नेता करण शर्मा ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
THE NewsBar | पुणे। देश के प्रमुख आईटी और शैक्षणिक केंद्रों में शामिल पुणे शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान मिली हुई है। महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देशभर के लाखों युवाओं की पहली पसंद बने इस शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति अब इसकी छवि पर सवाल खड़े कर रही है। लोहेगांव-वाघोली रोड पर इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के पास लोहेगांव की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और यहां दर्जनों बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों, वरिष्ठ नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों तथा गर्भवती महिलाओं के लिए आवागमन जोखिमभरा हो गया है। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। कई वाहन चालक अचानक गड्ढों से बचने के प्रयास में संतुलन खो देते हैं, जिसके कारण आए दिन छोटे-बड़े हादसे होने की संभावना बनी रहती है।
सड़क की खराब स्थिति का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। वाहनों की गति धीमी होने से इस मार्ग पर ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित हो रही है, जिससे कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों को अतिरिक्त समय और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पुणे के नेता करण शर्मा ने इस गंभीर समस्या को जन-सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बताते हुए पुणे महानगरपालिका प्रशासन और संबंधित विभागों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क पर बने गड्ढे किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं और प्रशासन को किसी दुर्घटना के इंतजार के बजाय तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करना चाहिए।
करण शर्मा ने कहा कि पुणे जैसे विकसित और स्मार्ट सिटी के रूप में पहचाने जाने वाले शहर में नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए। शहर की पहचान बेहतर बुनियादी ढांचे और सुगम यातायात व्यवस्था से होती है, लेकिन प्रमुख मार्गों की बदहाल स्थिति शहर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है।
उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि लोहेगांव-वाघोली रोड के क्षतिग्रस्त हिस्से का तत्काल सर्वेक्षण कराकर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य कराया जाए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।