हेडलाइन:
- एमपी के बुजुर्ग पेंशनर्स को बड़ी राहत, 80 साल के बाद मिलेगी 20% अतिरिक्त पेंशन
- हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी पेंशन, 85 साल की उम्र पर मिलेगा 30% अतिरिक्त लाभ
- MP Pension Update: वरिष्ठ पेंशनर्स के लिए सरकार का बड़ा फैसला, बढ़ेगी पेंशन
THE NewsBar | भोपाल। मध्य प्रदेश के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने बुजुर्ग पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन देने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि 80 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनर्स को मूल पेंशन पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त राशि दी जाएगी, जबकि 85 वर्ष की आयु पूरी करने पर यह लाभ बढ़कर 30 प्रतिशत हो जाएगा।
शंकरलाल शर्मा की याचिका के बाद मिला लाभ
यह मामला सेवानिवृत्त कर्मचारी शंकरलाल शर्मा द्वारा दायर याचिका के बाद चर्चा में आया। उन्होंने बुजुर्ग पेंशनर्स को अतिरिक्त पेंशन दिए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पेंशनर्स के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार को नियमों के अनुरूप लाभ देने के निर्देश दिए। इसके बाद वित्त विभाग ने आदेश जारी कर अतिरिक्त पेंशन की व्यवस्था लागू कर दी।
उम्र बढ़ने के साथ बढ़ेगा अतिरिक्त लाभ
वित्त विभाग के आदेश के अनुसार:
- 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मूल पेंशन का 20% अतिरिक्त
- 85 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मूल पेंशन का 30% अतिरिक्त
सरकार का मानना है कि बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य, दवाइयों और दैनिक जीवन की जरूरतों पर खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में अतिरिक्त पेंशन बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी।
हजारों पेंशनर्स को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले से प्रदेश के हजारों बुजुर्ग पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से पेंशन में अतिरिक्त बढ़ोतरी की मांग कर रहे संगठनों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह कदम वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर जीवनयापन की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
सम्मानजनक जीवन जीने में मिलेगी मदद
हाईकोर्ट के आदेश और वित्त विभाग की कार्रवाई के बाद अब बुजुर्ग पेंशनर्स को बढ़ती उम्र में आर्थिक राहत मिल सकेगी। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था न केवल उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि उन्हें सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जीने में भी मदद करेगी।
यह फैसला मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पेंशनर्स के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है, जो वर्षों से अतिरिक्त पेंशन की मांग कर रहे थे।