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पांढुर्णा के भुम्मा और जामसांवली बनेंगे ग्रामीण पर्यटन की नई पहचान, एमपी टूरिज्म बोर्ड ने शुरू की बड़ी पहल

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Pandhurna News: प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर चमकेंगे दोनों गांव, होमस्टे, रोजगार और स्थानीय संस्कृति को मिलेगा नया मंच

THE NewsBar | शुभम नांदेकर, पांढुर्णा। पांढुर्णा जिले के लिए पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने जिले के भुम्मा और जामसांवली गांवों का चयन ग्रामीण पर्यटन (रूरल टूरिज्म) परियोजना के लिए किया है। इस महत्वाकांक्षी पहल से दोनों गांव प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाएंगे, वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय को निर्धारित समय-सीमा में सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने बताया कि टूरिज्म बोर्ड के संचालक डॉ. डी.पी. सिंह द्वारा 1 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार चयनित गांवों में पर्यटन विकास की सभी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।

होमस्टे से बढ़ेगा ग्रामीण पर्यटन, ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार

परियोजना के तहत दोनों गांवों में होमस्टे विकसित किए जाएंगे, जिससे पर्यटक ग्रामीण परिवेश में रहकर स्थानीय संस्कृति, खान-पान और परंपराओं का अनुभव कर सकेंगे। इसके साथ ही ग्राम पर्यटन समिति का गठन किया जाएगा और स्थानीय युवाओं व महिलाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

90 दिनों में तैयार होंगे होमस्टे

योजना के प्रथम चरण में क्लस्टर समन्वयक की नियुक्ति, बेसलाइन सर्वे तथा ग्राम प्रवेश गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इसके बाद होमस्टे निर्माण और पर्यटन से जुड़ी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास होगा। निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार 90 दिनों के भीतर होमस्टे निर्माण पूरा किया जाएगा। इसके पश्चात उनका पंजीयन, टेस्ट गेस्ट के माध्यम से संचालन का परीक्षण और अंतिम रिपोर्ट विभाग को सौंपी जाएगी।

स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को मिलेगी नई पहचान

कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ ने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से पांढुर्णा जिले के ग्रामीण अंचलों की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प और लोककलाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। साथ ही ग्रामीणों की आय बढ़ेगी और जिले में पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

इस महत्वाकांक्षी योजना के लागू होने के बाद भुम्मा और जामसांवली केवल गांव नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों के रूप में अपनी अलग पहचान स्थापित करेंगे।

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