परिवहन और भंडारण में मिली कमी, 40 लाख रुपये की होगी वसूली; नागरिक आपूर्ति निगम ने जारी किए नोटिस
THE NewsBar | छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में हाल ही में सामने आए 1160 करोड़ रुपये के कथित इथेनॉल-चावल घोटाले की जांच अभी जारी है, इसी बीच अब छिंदवाड़ा जिले में सरकारी गेहूं के भंडारण और परिवहन में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिले के 39 सरकारी खरीदी केंद्रों से 1839 क्विंटल गेहूं कम पाया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है। इस मामले में नागरिक आपूर्ति निगम ने संबंधित समितियों और ट्रांसपोर्टरों को नोटिस जारी कर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया कि इस वर्ष जिले के 84 खरीदी केंद्रों पर 13 लाख 25 हजार 173 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था, लेकिन गोदामों तक केवल 13 लाख 23 हजार 337 क्विंटल ही पहुंचा। यानी 1839 क्विंटल गेहूं का अंतर दर्ज हुआ।
इसमें 1515.20 क्विंटल की कमी खरीदी केंद्रों (समितियों) पर मिली, जबकि 321.30 क्विंटल गेहूं परिवहन के दौरान गायब हो गया।
अजीबोगरीब सफाई, कोई बोला सूख गया तो किसी ने कहा मवेशी खा गए
नोटिस मिलने के बाद कई समिति प्रबंधकों ने हैरान करने वाले जवाब दिए हैं। कुछ ने दावा किया कि गेहूं खुले में रखने से सूख गया और वजन कम हो गया, जबकि कुछ ने कहा कि गेहूं मवेशी खा गए। वहीं कई समितियों ने परिवहन एजेंसियों पर जिम्मेदारी डाल दी।
बिलों से होगी रिकवरी
नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी जिला प्रबंधक मुकुल त्रिपाठी ने बताया कि नोटिस के जवाब के बाद यदि संबंधित समितियां और ट्रांसपोर्टर राशि जमा नहीं करते हैं, तो करीब 40 लाख रुपये की वसूली उनके आगामी बिलों से की जाएगी।
हालांकि यह मामला इथेनॉल-चावल घोटाले से अलग है, लेकिन लगातार सरकारी खाद्यान्न से जुड़ी अनियमितताओं के सामने आने से सरकारी खरीद, भंडारण और परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच में यह कमी केवल लापरवाही साबित होती है या इसके पीछे किसी बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होता है।