जिला अशासकीय शाला संघ की जिला कार्यकारिणी का गठन, चित्रसेन अध्यक्ष और खांबोलकर बने सभापति
THE NewsBar | पांढुर्णा। जिले के अशासकीय विद्यालयों को संगठित, सशक्त और एकजुट करने की दिशा में पांढुर्णा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। धनुष लॉन में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में जिला अशासकीय शाला संघ पांढुर्णा की जिला कार्यकारिणी का विधिवत गठन किया गया। कार्यक्रम में पांढुर्णा और सौंसर क्षेत्र के अशासकीय विद्यालय संचालकों एवं प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम की शुरुआत छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ के जिला सचिव मनीष तिवारी ने की। उन्होंने अशासकीय विद्यालय संचालकों की विभिन्न समस्याओं, बदलते शैक्षणिक परिदृश्य और विद्यालयों के हितों के लिए मजबूत संगठन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सामूहिक और संगठित प्रयासों के माध्यम से ही शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उचित मंच तक पहुंचाया जा सकता है।
इस अवसर पर छिंदवाड़ा अशासकीय शाला संघ के जिला अध्यक्ष आंतनु दास गुप्ता ने संगठन की एकता और मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसके पदाधिकारियों से अधिक सदस्यों की एकजुटता, आपसी विश्वास और सक्रिय सहभागिता में होती है। उनके मार्गदर्शन में पांढुर्णा जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी
नवगठित जिला कार्यकारिणी में अनिल खांबोलकर को सभापति तथा चित्रसेन रबड़े को अध्यक्ष बनाया गया। वहीं अनिल वानोडे एवं ज्योति चौकसे को उपाध्यक्ष, शाहिद शेख को सचिव, रवि कोठेकर को सहसचिव तथा निलेश ठाकरे को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके अलावा अशोक डोंगरे एवं माया राउत को सदस्य नियुक्त किया गया। संगठन की गतिविधियों और संवाद को प्रभावी बनाने के लिए हर्षल काले एवं अमोल नंदेवार को मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता, हेमराज साहू को विधिक सलाहकार तथा निलेश खापरे को संगठन प्रभारी बनाया गया।
विद्यालय हितों के लिए मिलकर काम करने का संकल्प
कार्यक्रम में नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शाला संचालकों द्वारा स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। नवगठित कार्यकारिणी ने अशासकीय विद्यालयों के हितों, संचालकों की समस्याओं के समाधान, आपसी समन्वय और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक वातावरण निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
समापन अवसर पर जिला अध्यक्ष चित्रसेन रबड़े ने सभी शाला संचालकों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी के विरोध में खड़ा होना नहीं, बल्कि संवाद, सहयोग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से अशासकीय विद्यालयों के हितों को मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से कंधे से कंधा मिलाकर संगठन को सक्रिय और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
बैठक के बाद सभी पदाधिकारियों एवं शाला संचालकों के सम्मान में प्रीतिभोज का आयोजन किया गया। आत्मीय और सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुए इस आयोजन ने पांढुर्णा एवं सौंसर क्षेत्र के अशासकीय विद्यालय संचालकों के बीच आपसी समन्वय और भाईचारे को और मजबूत किया।
कार्यक्रम में पांढुर्णा विकासखंड अशासकीय शाला संघ के अध्यक्ष रूपेश ठाकुर एवं सौंसर विकासखंड अशासकीय शाला संघ के अध्यक्ष आशीष जैसवाल सहित में शाला संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
पांढुर्णा में जिला अशासकीय शाला संघ का यह गठन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों को एक साझा मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यकारिणी के गठन के साथ अब जिले के अशासकीय विद्यालयों से जुड़े मुद्दों को संगठित रूप से उठाने और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है।