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लेबनान का 10% हिस्सा अब इजरायल के कब्जे में, रक्षा मंत्री काट्ज का बड़ा ऐलान: ‘लिटानी नदी तक बनेगा बफर जोन’

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यरूशलेम। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध के 26वें दिन पश्चिम एशिया की जंग ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। इजरायल ने अब दक्षिणी लेबनान के एक बड़े हिस्से पर लंबे समय तक नियंत्रण रखने की अपनी मंशा साफ कर दी है। इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के हालिया बयान ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने लेबनान की लिटानी नदी तक के इलाके को एक “सुरक्षा बफर जोन” में बदलने की घोषणा की है।

प्रमुख घटनाक्रम: लिटानी नदी बनी नई सीमा?

इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट किया है कि आईडीएफ (IDF) अब दक्षिणी लेबनान में तब तक मौजूद रहेगी जब तक कि उत्तरी इजरायल के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • 10% क्षेत्र पर नियंत्रण: लिटानी नदी इजरायली सीमा से लगभग 30 किलोमीटर अंदर है। इस पूरे क्षेत्र पर कब्जा करने का मतलब है कि इजरायल अब लेबनान के कुल भूभाग के लगभग 10% हिस्से को अपने सैन्य नियंत्रण में ले चुका है।

  • नो-सिटिजन जोन: काट्ज ने सख्त लहजे में कहा कि दक्षिणी लेबनान के उन हिस्सों में, जहां ‘आतंकवाद’ का ढांचा मौजूद है, वहां अब कोई घर या नागरिक निवासी नहीं रहेगा।

  • पुलों की तबाही: हिजबुल्लाह की सप्लाई लाइन काटने के लिए इजरायली सेना ने लिटानी नदी पर बने रणनीतिक पुलों को पहले ही ध्वस्त कर दिया है। काट्ज के अनुसार, सेना अब बचे हुए पुलों और सुरक्षा क्षेत्र की निगरानी करेगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

इजरायल का तर्क है कि हिजबुल्लाह ने सीमावर्ती गांवों को “आतंकवादी चौकियों” में बदल दिया था। इजरायल ने इस ऑपरेशन को ‘फॉरवर्ड डिफेंसिव लाइन’ का नाम दिया है।

“हमारा सिद्धांत स्पष्ट है: जहां रॉकेट और आतंकवाद होगा, वहां कोई घर नहीं बचेगा और वहां IDF तैनात रहेगी।” — इजरायल काट्ज, रक्षा मंत्री

युद्ध के अन्य मोर्चों का हाल

जंग के 26वें दिन हालात और भी बिगड़ते नजर आ रहे हैं:

  1. ईरान का पलटवार: ईरान ने इजरायल के भीतर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रखे हैं। तेहरान अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है और किसी भी झुकने के संकेत नहीं दे रहा है।

  2. हिजबुल्लाह की चेतावनी: हिजबुल्लाह ने इजरायल के इस कदम को लेबनान के लिए ‘अस्तित्व का खतरा’ बताया है। आज भी हिजबुल्लाह ने हाइफा और नाहारिया पर 30 से ज्यादा रॉकेट दागकर प्रतिरोध दर्ज कराया।

  3. अमेरिकी ठिकानों पर हमले: बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर फिर से धमाकों की खबरें हैं, जिससे युद्ध के क्षेत्रीय विस्तार का खतरा बढ़ गया है।

विस्थापन का गहराता संकट

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई के कारण अब तक 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। दक्षिण लेबनान से उत्तर की ओर भागे लाखों नागरिकों के लिए वापसी की राह अब और मुश्किल हो गई है क्योंकि इजरायल ने इसे एक स्थायी ‘बफर जोन’ बनाने का फैसला कर लिया है।

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