तेहरान। मध्य-पूर्व (Middle East) में युद्ध की आहट के बीच ईरान ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरमी निया ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अब पीछे हटने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान की सेना और सुरक्षा बल किसी भी बड़े टकराव के लिए पूरी तरह तैयार हैं और दुश्मन ने उनकी ताकत का आकलन करने में बड़ी भूल की है।
“युद्धविराम कमजोर, तैयारी पूरी”
ब्रिगेडियर जनरल अकरमी निया ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अमेरिका के साथ वर्तमान में चल रहा युद्धविराम (Ceasefire) बहुत ही नाजुक और कमजोर स्थिति में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरानी सशस्त्र बल अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए हाई अलर्ट पर हैं। प्रवक्ता के अनुसार, “हमने दुश्मन को उसके किसी भी नापाक मंसूबे में कामयाब नहीं होने दिया है। मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मौजूद कई महत्वपूर्ण उपकरण पहले ही तबाह किए जा चुके हैं।”
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अभेद्य घेराबंदी
ईरान ने अपनी सामरिक रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि उसने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज के जलडमरूमध्य’ पर अपना नियंत्रण और कड़ा कर लिया है। अकरमी निया ने बताया:
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पश्चिमी हिस्सा: इस क्षेत्र की कमान शक्तिशाली ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) की नेवी के हाथों में है।
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पूर्वी हिस्सा: इस क्षेत्र की जिम्मेदारी ईरान की नियमित (Regular) नौसेना संभाल रही है।
इस दोहरे नियंत्रण के जरिए ईरान ने संदेश दिया है कि वह वैश्विक व्यापार मार्ग को पल भर में ठप करने की क्षमता रखता है।
“दुश्मन को ताकत का अंदाजा नहीं”
ईरानी जनरल ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान की रक्षात्मक और आक्रामक क्षमताओं का सही अंदाजा नहीं लगाया है। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान ईरानी सेना ने जिस तरह की मारक क्षमता दिखाई, उसने पश्चिमी देशों के रणनीतिकारों को चौंका दिया है। ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल के साथ उसके संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं और अमेरिका लगातार क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है।