मुख्य सचिव ने कलेक्टरों की ली बैठक, पेयजल व्यवस्था से जुड़े अमले की छुट्टियों पर रोक
टैंकर व्यवस्था, नलजल योजना और शिकायत निवारण की होगी रोज मॉनिटरिंग
THE NewsBar | भोपाल। गर्मी के मौसम और बढ़ती पेयजल जरूरतों को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने राज्यभर में पेयजल व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि पेयजल से जुड़ी शिकायतों का तत्काल निराकरण किया जाए और व्यवस्था की प्रतिदिन समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने कलेक्टरों, नगरीय निकायों, पंचायत, पीएचई, जल निगम और नगर निगम अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में हर जिले में सेंट्रल कंट्रोल रूम स्थापित करने और अधिकारियों की समिति बनाकर रोजाना पेयजल उपलब्धता की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
पेयजल अमले की छुट्टियों पर तत्काल रोक
सरकार ने पेयजल आपूर्ति से जुड़े सभी विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों के अवकाश पर रोक लगा दी है। अब केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही छुट्टियां स्वीकृत की जाएंगी, ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित न हो।
टैंकर से जल आपूर्ति पर रहेगी सख्त निगरानी
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पेयजल संकट है, वहां टैंकरों के माध्यम से नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही टैंकरों के दुरुपयोग और अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाने को कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम करने, पानी की टंकियों को समान रूप से भरने तथा ऊर्जा विभाग को भी पूरे प्लान में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी नलजल योजना का बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जारी हुए करोड़ों रुपए
राज्य शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता मजबूत करने के लिए बोरवेल खनन और जल स्रोत विकसित करने हेतु 1500 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसके अलावा पंचायतों को संधारण कार्यों के लिए 55 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई गई है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पंचायतें जल संरक्षण और रखरखाव से जुड़े 10 हजार रुपये तक के कार्य स्वयं करा सकेंगी। साथ ही 15वें और 16वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग भी पेयजल व्यवस्था में किया जा सकेगा।
सीएम हेल्पलाइन और शिकायतों का होगा त्वरित निराकरण
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कलेक्टर स्वयं कंट्रोल रूम की कमान संभालें और सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों का न्यूनतम समय में समाधान सुनिश्चित करें।
आगामी एक माह का विशेष एक्शन प्लान तैयार कर रोजाना समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गंगा दशहरा कार्यक्रमों को पेयजल अभियान से जोड़ा जाएगा
अपर मुख्य सचिव ने जानकारी दी कि 25 और 26 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर प्रदेशभर में कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे। इन आयोजनों को जनजागरूकता और पेयजल संरक्षण अभियान से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।
सरकार ने सभी संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे जल स्रोतों पर विशेष निगरानी रखें और संभावित संकट वाले क्षेत्रों में पहले से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखें।