नई दिल्ली | The NewsBar
संसद के विशेष सत्र के दौरान पेश किया गया संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सका। बिल को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह प्रस्ताव शुरुआती स्तर पर ही गिर गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 मत पड़े, जो आवश्यक बहुमत से कम थे। इससे पहले पहले राउंड में 278 सांसदों ने समर्थन किया था, जबकि 211 ने विरोध किया।

महिलाओं को 33% आरक्षण लागू करने से जुड़ा था बिल
सरकार ने इस विधेयक को महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने की दिशा में अहम कदम बताया था। यह प्रस्ताव ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के क्रियान्वयन, परिसीमन प्रक्रिया और चुनावी ढांचे में बदलाव से जुड़ा हुआ था।
सरकार का कहना था कि इन सुधारों के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
राहुल गांधी ने बताया ‘संविधान पर हमला’
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बिल का विरोध करते हुए इसे “संविधान पर आक्रमण” बताया। उन्होंने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक और चुनावी ढांचे को बदलने की कोशिश है।
अमित शाह ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री ने बहस का जवाब देते हुए विपक्ष पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को लंबे समय तक परिसीमन से वंचित रखा और अब भी इसका विरोध कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने पिछड़े वर्ग से आने वाले को प्रधानमंत्री बनाया, जबकि कांग्रेस ने अब तक एक भी OBC प्रधानमंत्री नहीं दिया।
साथ ही, उन्होंने “उत्तर बनाम दक्षिण” की राजनीति को खारिज करते हुए कहा कि इससे देश को नुकसान होगा और एकता बनाए रखना जरूरी है।
अन्य विधेयक भी नहीं बढ़ाए गए
बिल के गिरने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 को आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया।
चिराग पासवान ने राहुल गांधी पर कसा तंज
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के भाषण की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा को कम किया है और उनका भाषण निराशाजनक रहा।
क्या है आगे का रास्ता?
सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण दिलाने के लिए आगे भी प्रयास जारी रखेगी। हालांकि, इस बिल के गिरने से यह साफ हो गया है कि इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाना अभी चुनौती बना हुआ है।