विज्ञापन ₹ ☎️ 8827666688

हरदा: पुलिस पूछताछ के बीच बुजुर्ग ने थाने में खाया जहर, मौत के बाद टिमरनी में भारी तनाव; विधायक और परिजन धरने पर

Share:

Join Whatsapp group

THE NewsBar | हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी थाने से एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण मामला सामने आया है। गौकशी (गोवंश की हत्या) के एक मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए 60 वर्षीय बुजुर्ग रामदास कोरकू ने थाना परिसर में ही जहर खा लिया। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों और सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। न्याय की मांग को लेकर स्थानीय विधायक आर.के. दोगने और परिजनों ने जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर चक्काजाम कर धरना शुरू कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

बीती 26 अप्रैल को टिमरनी थाना क्षेत्र के ग्राम छिदगांवमेल में एक हृदयविदारक घटना हुई थी। अज्ञात बदमाशों ने गंजालेश्वर आश्रम से पांच गोवंश चोरी किए और उन्हें रेलवे ट्रैक पर बांध दिया, जिससे ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए 5 टीमें गठित की थीं।

पुलिस हिरासत में खुदकुशी: परिजनों के गंभीर आरोप

इसी मामले में संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने शनिवार सुबह ग्राम पिपल्याकला निवासी रामदास कोरकू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।

  • बेटे का आरोप: रामदास के बेटे भवानी ठाकुर का कहना है कि पुलिस का यह दावा गलत है कि उनके पिता को दोपहर 2:30 बजे छोड़ दिया गया था। उनके पिता शाम तक पुलिस के कब्जे में थे और वहीं उन्होंने दबाव में आकर जहर खाया।

  • पुलिस का पक्ष: पुलिस के अनुसार रामदास को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था, लेकिन उन्होंने किन परिस्थितियों में जहर खाया, इसकी जांच की जा रही है। शनिवार को स्वयं एसपी शशांक मिश्रा ने भी संदिग्धों से पूछताछ की थी।

अस्पताल के गेट पर धरना और न्यायिक जांच की मांग

रविवार सुबह से ही जिला अस्पताल छावनी में तब्दील हो गया है। परिजन और विभिन्न सामाजिक संगठन दो प्रमुख मांगों पर अड़े हैं:

  1. मामले की न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) के आदेश दिए जाएं।

  2. संबंधित जांच अधिकारी को तत्काल निलंबित (Suspend) किया जाए।

विधायक आर.के. दोगने ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का पोस्टमार्टम नहीं होने दिया जाएगा।

प्रशासन की समझाइश

एसडीओपी शालिनी परस्ते और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बुजुर्ग से केवल पूछताछ की गई थी। घटना की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

error: Copy not allowed