THE NewsBar | उज्जैन। देश की सबसे आधुनिक और हाईस्पीड सेमी-हाईस्पीड ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ एक बार फिर असामाजिक तत्वों का निशाना बनी है। मध्य प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक शहर उज्जैन में सोमवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने वंदे भारत एक्सप्रेस पर ताबड़तोड़ पथराव (Stone Pelting) कर दिया। इस अचानक हुए हमले से ट्रेन के कई कोच क्षतिग्रस्त हो गए और अंदर बैठे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।
हरिफाटक ब्रिज के नीचे हुआ हमला, फूटे खिड़कियों के कांच प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वंदे भारत एक्सप्रेस उज्जैन रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही ट्रेन शहर के हरिफाटक ब्रिज (Harifatak Bridge) के नीचे से गुजरी, वहां अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे बदमाशों ने अचानक ट्रेन पर बड़े-बड़े पत्थर बरसाना शुरू कर दिए। पत्थरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि देखते ही देखते ट्रेन के 4 से 5 कोचों की खिड़कियों के कांच चकनाचूर हो गए।
सीटों के नीचे दुबके यात्री, बच्चों और महिलाओं में मची चीख-पुकार रात के सन्नाटे में अचानक कांच टूटने की तेज आवाजों से पूरी ट्रेन गूंज उठी। ट्रेन के भीतर सफर कर रहे यात्रियों को शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया और वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी जान बचाने के लिए कई यात्री सीटों से उतरकर नीचे फर्श पर झुक गए। बोगियों में मौजूद महिलाओं और बच्चों में डर के मारे चीख-पुकार मच गई। यात्रियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए इस हमले की जानकारी रेलवे के आला अधिकारियों और कंट्रोल रूम को दी।
जांच के लिए रोकी गई ट्रेन, टला बड़ा हादसा घटना की सूचना मिलते ही रेलवे स्टाफ, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान तुरंत हरकत में आए। एहतियात के तौर पर ट्रेन को कुछ देर के लिए रोका गया और सुरक्षाकर्मियों ने प्रभावित कोचों की सघन जांच की। गनीमत यह रही कि पत्थरों की सीधी चपेट में कोई यात्री नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और सभी सुरक्षित हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, मामला दर्ज इस घटना के बाद से रेलवे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है। आरपीएफ (RPF) थाना प्रभारी नरेंद्र यादव ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की सुरक्षा खतरे में डालने सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। हरिफाटक ब्रिज और स्टेशन के आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जा सके।