राजधानी लखनऊ के बीकेटी में मिर्गी का इलाज कराने आई छात्रा के साथ ऑपरेशन थिएटर में हुआ दुष्कर्म यूपी की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था उजागर।
THE NewsBar | लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से चिकित्सा जगत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के भीतर 12वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सख्त रुख अपनाते हुए तेजस अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी डॉक्टर विजय कुमार गिरी का चिकित्सा लाइसेंस निलंबित कर दिया है और उसकी आयुर्वेदिक मेडिकल डिग्री को स्थायी रूप से रद्द करने की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को हिरासत में ले लिया है. इस बीच, प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया है कि उक्त निजी अस्पताल बिना वैध लाइसेंस के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।
स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि की. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आरोपी को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। डिप्टी सीएम पाठक ने कहा, बख्शी का तालाब स्थित अस्पताल में हुई यह घटना अत्यंत भयावह और निंदनीय है. यह पूरी चिकित्सा बिरादरी को कलंकित करती है।
ऑपरेशन थिएटर के भीतर हुई वारदात
पुलिस में दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के अनुसार, 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा इलाज के सिलसिले में अस्पताल आई थी. उसे प्रक्रिया के नाम पर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के अंदर ले जाया गया, जहां आरोपी डॉक्टर विजय कुमार गिरी ने अकेलेपन का फायदा उठाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया. घटना के बाद गहरे मानसिक सदमे में आई छात्रा ने हिम्मत दिखाकर अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिवार ने बख्शी का तालाब थाने में तहरीर दी. पुलिस ने पीड़िता के बयान और प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी डॉक्टर को जेल भेज दिया है।
अवैध रूप से चल रहा था अस्पताल
इस घटना के बाद जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तेजस अस्पताल के दस्तावेजों की जांच की, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ. शुरुआती जांच में पता चला कि अस्पताल प्रबंधन बिना लाइसेंस के नवीनीकरण के ही इस स्वास्थ्य केंद्र को अवैध रूप से चला रहा था. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आरोपी डॉक्टर ही नहीं, बल्कि नियमों ताक पर रखकर अस्पताल का संचालन करने वाले प्रबंधन के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और चिकित्सा नियामक कानूनों के तहत सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।