दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने ऐसा कदम उठाया है जिसने पड़ोसी देशों समेत अमेरिका और उसके सहयोगियों की चिंता बढ़ा दी है। खबर है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद उत्तर कोरिया के तानाशाह खुद को संभावित खतरे में महसूस कर रहे हैं। इसी आशंका के बीच उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में बड़ा बदलाव करते हुए “स्वचालित परमाणु जवाब” का प्रावधान जोड़ दिया है।
बताया जा रहा है कि 22 मार्च को उत्तर कोरिया की परमाणु नीति में संशोधन किया गया था, लेकिन इसका सार्वजनिक ऐलान अब सामने आया है। नए प्रावधान के अनुसार यदि दुश्मन देश उत्तर कोरिया के परमाणु कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम पर हमला करता है या देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिश होती है, तो बिना किसी अतिरिक्त आदेश के तुरंत परमाणु हमला किया जा सकेगा।
उत्तर कोरिया के संविधान की परमाणु नीति के आर्टिकल-3 में कहा गया है कि यदि देश के परमाणु बलों की कमान खतरे में आती है, तो जवाबी परमाणु कार्रवाई “स्वचालित और तत्काल” होगी। माना जा रहा है कि यह बदलाव सीधे तौर पर किम जोंग उन की सुरक्षा से जुड़ा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा दुश्मन देशों के शीर्ष नेताओं को निशाना बनाने की रणनीति ने उत्तर कोरिया की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण किम जोंग उन अब किसी भी संभावित हमले के खिलाफ परमाणु प्रतिरोध को और मजबूत करना चाहते हैं।
उत्तर कोरिया पहले से ही परमाणु हथियारों और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है, जो अमेरिका तक हमला करने की क्षमता रखती हैं। ऐसे में उसके इस नए ऐलान ने दक्षिण कोरिया, जापान और अन्य पड़ोसी देशों की चिंता और बढ़ा दी है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कदम को बेहद खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि किसी भी गलतफहमी या अचानक हमले की स्थिति में “ऑटोमैटिक न्यूक्लियर रिस्पॉन्स” पूरी दुनिया के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है।