मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा 211 साइटें छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिले को मिलीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से सांसद बंटी विवेक साहू की मुलाकात के बाद मिली स्वीकृति
शुभम नांदेकर, छिंदवाड़ा/पांढुर्णा | THE NewsBar
छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के दूरस्थ और नेटवर्क विहीन क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात सामने आई है। सांसद के प्रयासों से दोनों जिलों के 211 दूरस्थ गांवों में BSNL के 4G मोबाइल टॉवर लगाने की स्वीकृति मिल गई है। यह संख्या पूरे मध्यप्रदेश में सबसे अधिक बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सांसद ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय संचार मंत्री से मुलाकात कर छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की सूची सौंपते हुए BSNL टॉवर स्थापना का अनुरोध किया था।
केंद्रीय स्तर पर स्वीकृति मिलने के बाद अब राज्य शासन द्वारा भूमि चयन और अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर मोबाइल टॉवर लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। बताया गया है कि मध्यप्रदेश में कुल 587 नई मोबाइल साइटों को मंजूरी मिली है, जिनमें से सर्वाधिक 211 साइटें छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिले के लिए स्वीकृत हुई हैं।
इन टॉवरों के लगने से वर्षों से नेटवर्क समस्या झेल रहे ग्रामीण क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है और दूरसंचार सेवाएं मजबूत होंगी।
इन 211 गांवों में लगेंगे BSNL के 4G मोबाइल टॉवर
आमाकोल, अलीवाड़ा, अलमोद, आमला, अंडोल, अनखावाड़ी (2), बबई पठार, बाबूटोला, बखारी, बालापुर, बलबुदी, बलासुर, बाम्हनवाड़ा, बानाबेहरा, बंधान, बांद्राढाना, बांगई, बराहढाना, बरातमारी, बरेलीपार, बरूड, बसुरिया खुर्द, बेड़ाढाना, बीरवन, भैंसाखुर्द, भाजीपानी खुर्द, भलपानी, भांडखापा, भांड पिपरिया, भतोड़िया खुर्द, भौंड (2), बुढैना, भुदकुम, भुदकुमढाना, भूली, भूतन सावंगी, भूयारी, बिछुआ, बिछुआ भुमका, बिछुआ जुंगावानी, बीजाढाना, बिजोरी गुमाई, बिनेकीढाना, बोदल कछार, सामरढोह बजगरी, बोरिया, बोरपानी, बुधवारा, चांदाढोह, चंदनवाड़ा, चांदगांव, चांगोबा, चारगांव करबल, चारखेड़ा, चटनी, चौरासी, छत्तरकलां, छातीआम, छिंदियाटोला, चीचखेड़ा, चिकटबर्री, चिमौआ, डेहरी, देवगढ़, दिवानगांव, धनेगांव, धन्नौर, धनौरा, धोबीघाट, धोबीवाड़ा, धोतकी, दिगडहर, दिलावर मोहगांव, डोंगरा तालाबढाना, डोरली, दुकरझेला, ढुंडी भाजीपानी, गाजनडोह, गांगतवाड़ा, घेरीबकोड़ी, घोघरी गुंजा डोंगरी मालनी, घोघरी, घोरावाड़ी (2), गोनावाड़ी, गोंदड़ देव मंदिर, गोप, गोविंदपुर, गुटेरा, हलाल कलां, हलाल रैययत, हरनभटा, हिर्राढाना भमड़ी, हिर्राकोल, जमकुंडा, जमुनिया पठार, जामुनपानी, जंगलीखेड़ा, जवाहरगांव, जेठारी, झालमऊ, झंडा, झापट छापर, झिरपी, झौंतकलां, जोबनडेरा, जुनेवानी पांढुर्णा, काजलवानी, कालीमाटी, कांगला, कपरवाड़ी ढाना मोहल्ला, कपूर्दा माता मंदिर, काराबोह डेम, करन पिपरिया, कौआखेड़ा, खकरा चौरई, खमराजेठू, खांडेसिवनी, खापा, खापाकलां, खरसी अदेवास, खाटोपानी, खिरदा, खिरकीघाट मंडी, कुर्सीपार, खूट पिपरिया, किसनपुर, कौड़िया, कोरपानी खुर्द, कोसमी, कोठिया, कोटरा, कुदवारी, कुकड़ीखापा, कुकड़ीखापा मालेगांव, कुंभापानी, कुंडा रैययतवाड़ी (2), कुंडाली, लहगडुआ, लमानिया, सिंदरई रैयत, लव्हाना, लोहाझिरी, महोरिया, मालापुर, माल्हनवाड़ा, मालनी, मनकवाड़ी, मांडईमाल, मनकूघाटी, मरका पठार, मेहदावीर, मोरछी, मोरडोंगरी, मोरघाट, मोठार, मोया, मोयाकुही, मुगारिया, मुवरकलां, नागलवाड़ी, नांदिया, नारायणघाट, नीमढाना, नेहरिया, पलासपानी खुर्द, पलटवाड़ा, पांडो, प्रधान घोघरी, पाठाघाट ध्यानिया, पिंडरई कलां, पीपरढाना, पिपरिया, रजाड़ा, राजाखोहढाना, रंगारीठोका, रंगीनखापा, रिंजीढाना, साजकुही, सलैया स्वामी, सारना, सतनूर, सेतपरास, शक्कर झिरी, सिदौली, सिलादई भांड, सिमरिया, सिमरिया कलां, सिंदरई गुरैयाथार, सिंगना, सिराठा, सियाझिरी, सोनपठार, तरकढाना, टेकापार (2), टेमरू, थांवरी खुर्द, थांवरी बापू, थांवरी टेका, तिनसई, तुमड़ी, टोटकादेई, थुयापानी, उछेटेमरू, उमरीघाट, उमरिया ईसरा और उंचाखेड़ा।
क्षेत्रवासियों ने इस स्वीकृति को दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा सांसद बंटी विवेक साहू के प्रति आभार व्यक्त किया है।