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छिंदवाड़ा में न्यूक्लियर पावर प्लांट की तैयारी, अडानी से कमलनाथ की मंत्रणा; सरकार की मंजूरी बाकी छिंदवाड़ा-पांढुर्णा जिले के युवाओं को मिलेगा रोजगार, कमलनाथ का प्रयास

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The NewsBar | शुभम नांदेकर, छिंदवाड़ा। जिले के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाली एक बड़ी परियोजना आकार ले रही है। देश के प्रमुख औद्योगिक समूह अडानी ग्रुप द्वारा छिंदवाड़ा के चौसरा गांव के पास न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिस पर अब मध्य प्रदेश सरकार की अंतिम मुहर लगना बाकी है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी से विस्तृत चर्चा की है। प्रस्तावित प्लांट लगभग 750 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाना है, जहां पहले थर्मल पावर प्लांट की योजना बनाई गई थी।

16 साल पुरानी जमीन, अब नई योजना

चौसरा क्षेत्र में करीब 16 वर्ष पूर्व अडानी ग्रुप को थर्मल पावर प्लांट के लिए जमीन आवंटित की गई थी। “पेंच थर्मल एनर्जी” नाम से परियोजना की शुरुआत भी हुई, कंपनी ने कार्यालय और आधारभूत तैयारियां कीं, लेकिन प्लांट का कार्य शुरू नहीं हो सका। अब उसी जमीन पर न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने का नया प्रस्ताव सामने आया है, जिसे राज्य मंत्रिपरिषद के समक्ष विचार हेतु रखा गया है।

कमलनाथ बोले- विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा क्षेत्र

कमलनाथ ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि छिंदवाड़ा के समग्र विकास के लिए यह परियोजना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि वर्षों से अनुपयोगी पड़ी भूमि को अब विकास की धारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अडानी समूह के साथ सकारात्मक चर्चा के जरिए निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में पहल की गई है।

किसानों का विरोध और अधूरी उम्मीदें

इस परियोजना से जुड़ी जमीन का अधिग्रहण वर्षों पहले किया गया था, जिसको लेकर किसानों ने कई बार विरोध भी दर्ज कराया। 2021 और 2023 में किसानों ने अधिग्रहित जमीन पर फसल बो दी थी, जिसे बाद में प्रशासन द्वारा हटाया गया। किसानों का आरोप है कि उन्हें रोजगार देने और जल्द परियोजना शुरू करने का वादा किया गया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

वहीं, वर्ष 2022 में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भी परियोजना में देरी को लेकर अडानी ग्रुप से जवाब तलब किया था।

पुरानी योजना, नया रूप

जानकारी के अनुसार, 1986-88 के दौरान मध्य प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड ने पेंच नदी के पानी के उपयोग से 1320 मेगावाट के थर्मल पावर प्लांट के लिए चौरई तहसील के कई गांवों—चौसरा, हिवरखेड़ी, धनोरा, थांवरीटेका और डागावानी पिपरिया—की जमीन अधिग्रहित की थी। अब उसी भूमि पर न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।

संभावित लाभ

  • छिंदवाड़ा–पांढुर्णा के युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर
  • क्षेत्र में उद्योग और व्यापार को गति
  • सड़क, बिजली और जल जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास
  • शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार
  • वर्षों से खाली पड़ी भूमि का उपयोग

यदि इस परियोजना को सरकार की मंजूरी मिलती है, तो यह छिंदवाड़ा-पांढुर्णा क्षेत्र के औद्योगिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।

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