The NewsBar | भोपाल/शाजापुर/खरगोन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का गुरुवार को अलग अंदाज देखने को मिला। उन्होंने शाजापुर और खरगोन के उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर न सिर्फ व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से सीधा संवाद भी किया। इस दौरान उन्होंने गेहूं की तौल प्रक्रिया को खुद देखा और किसानों से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री सबसे पहले खरगोन जिले के कतरगांव स्थित उपार्जन केंद्र पहुंचे, जहां उन्होंने खरीदी व्यवस्था का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इसके बाद वे शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयरहाउस पहुंचे। यहां उनका किसान जैसा सहज रूप देखने को मिला, जब वे ट्रॉली पर चढ़कर सीधे किसानों के बीच पहुंचे। इस दौरान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
किसानों को मिल रही सुविधाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि हर केंद्र पर कम से कम 6 तौल कांटे अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि किसानों को अपनी उपज तौलने में इंतजार न करना पड़े। साथ ही छाया, पेयजल, बैठक व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देशित करते हुए कहा कि गेहूं खरीदी के नए मापदंडों को तत्काल लागू किया जाए। उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट और ऑपरेटर की उपलब्धता बनी रहे, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।
‘अन्नदाता का सम्मान हमारी प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सम्मानपूर्वक उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी तौल कांटों पर निरंतर तुलाई कार्य जारी रहे और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री के इस जमीनी और सहज व्यवहार ने किसानों का दिल जीत लिया। किसानों ने भी उनके इस पहल का स्वागत करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई।