भोपाल। The NewsBar | मध्यप्रदेश सरकार वर्ष 2026 के लिए नई तबादला नीति लागू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के संकेतों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने नीति का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर दिया है। इस प्रस्ताव को इसी माह के अंत तक कैबिनेट के सामने पेश किए जाने की संभावना है। इसके तहत राज्य में एक महीने के लिए तबादलों पर लगी रोक हटाई जा सकती है, जिससे विभिन्न विभागों में कर्मचारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस बार तबादला प्रक्रिया को नियंत्रित रखने के लिए स्पष्ट सीमा तय की जाएगी। प्रस्तावित नीति में किसी भी विभाग में कुल तबादले उसके संबंधित कैडर के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं किए जा सकेंगे। इसका उद्देश्य प्रशासनिक संतुलन बनाए रखते हुए अनियंत्रित तबादलों पर रोक लगाना है।
नई नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव प्रभारी मंत्रियों की भूमिका को लेकर भी देखने को मिल सकता है। संकेत हैं कि मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में तबादलों पर पहले की तरह अधिकार दिए जा सकते हैं। उनके अनुमोदन के बिना अंतिम तबादला सूची को मंजूरी नहीं दी जाएगी। इससे जिला स्तर पर प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व के बीच समन्वय बढ़ने की उम्मीद है।
इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन की भूमिका भी अहम होगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया पहले जिला कलेक्टर स्तर पर शुरू होगी, जिसके बाद आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इससे स्थानीय जरूरतों के आधार पर तबादलों को अधिक व्यावहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है।
पिछले वर्ष अपेक्षाकृत कम तबादले होने के कारण इस बार कर्मचारियों में उम्मीदें बढ़ गई हैं। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को नई नीति से राहत मिलने की संभावना है। जनप्रतिनिधियों द्वारा भी तबादला प्रतिबंध हटाने की मांग लगातार उठाई गई थी, जिसके बाद सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है।
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद संभावना है कि मई की शुरुआत से प्रदेश में तबादला प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी। यह नीति प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक गतिशील और संतुलित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।