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मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर: कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द, सियासी घमासान तेज

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THE NewsBar | भोपाल। मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन पत्र जांच (स्क्रूटनी) के दौरान रद्द कर दिया गया। रिटर्निंग अधिकारी ने यह फैसला तेलंगाना में लंबित एक न्यायिक प्रकरण की जानकारी नामांकन हलफनामे में कथित रूप से दर्ज नहीं किए जाने के आधार पर लिया।

नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश की राजनीति में भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए भाजपा पर राजनीतिक दबाव बनाने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।

क्या है पूरा मामला?

भाजपा ने स्क्रूटनी के दौरान आपत्ति दर्ज कराते हुए दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन ने तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी। भाजपा का कहना था कि यह महत्वपूर्ण तथ्य छिपाने का मामला है, इसलिए नामांकन निरस्त किया जाना चाहिए।

वहीं कांग्रेस का तर्क है कि नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। संबंधित प्रकरण केवल अदालत द्वारा जारी नोटिस तक सीमित था और नियमों के अनुसार इसकी घोषणा करना अनिवार्य नहीं था।

कांग्रेस का विरोध, जीतू पटवारी पहुंचे विधानसभा

घटनाक्रम के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष Jitu Patwari सहित कई वरिष्ठ नेता विधानसभा पहुंचे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और भाजपा पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। कुछ स्थानों पर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

तीसरी सीट पर भाजपा की रणनीति को मिल सकती है बढ़त

राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा ने दो सुनिश्चित सीटों के अलावा तीसरे उम्मीदवार के रूप में Mahesh Kewat को मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने से भाजपा की तीसरी सीट जीतने की संभावना काफी बढ़ गई है।

मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सदस्यीय संरचना में भाजपा के पास 163 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 66 विधायक हैं। पहले कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना मानी जा रही थी, लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस ने विधायकों को किया शिफ्ट

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए उन्हें कर्नाटक भेजने की रणनीति अपनाई है। पार्टी ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश करने का आरोप लगाया है।

18 जून को मतदान

मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए मतदान 18 जून को होना है। भाजपा के उम्मीदवार Tarun Chugh, Rajneesh Agrawal और महेश केवट मैदान में हैं। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की दिशा पूरी तरह बदल गई है।

फिलहाल कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह इस फैसले के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी। अब भोपाल में पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।

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